जयपुर में ईडी ऑफिस के बाहर लगे रॉबर्ट वाड्रा के पोस्टर
रॉबर्ट वाड्रा आज चौथी बार ईडी के सामने पेश होंगे.


जयपुर  : राजस्थान के बीकानेर मनी लॉन्ड्रिंग केस के संबंध में रॉबर्ट वाड्रा और उनकी मां मौरीन से प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) आज फिर पूछताछ कर सकता है। पूछताछ के लिए वाड्रा जयपुर में हैं। उधर, ईडी के ऑफिस के बाहर कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा लगाए गए पोस्टर चर्चा का विषय बने हुए हैं। इन पोस्टरों में रॉबर्ट वाड्रा की पत्नी और कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी और कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी के साथ तस्वीर है। 

इस पर लिखा है-कट्टर सोच नहीं, युवा जोश। बता दें कि मनी लॉन्ड्रिंग और बेनामी ट्रांजेक्शन के जरिए विदेश में संपत्ति खरीदने के आरोपी रॉबर्ट वाड्रा आज चौथी बार ईडी के सामने पेश होंगे। वाड्रा आज प्रवर्तन निदेशालय के समक्ष हाजिर होंगे जहां एजेंसी उनसे बीकानेर में कथित जमीन घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में उनसे पूछताछ करेगी। इसके अलावा दुबई में आलीशान विला को लेकर अब उनसे सघन पूछताछ हो सकती है। 

दुबई में विला को लेकर होगी पूछताछ 
सूत्रों का कहना है, लंदन में 12 अलर्टन हाउस में 26 करोड़ के फ्लैट के संबंध में प्रवर्तन निदेशालय ने पूछताछ की। अब दुबई के E-74 जुमैराह में 14 करोड़ की कीमत के विला के संबंध में उनसे पूछताछ की जाएगी। ईडी वॉड्रा से इस संपत्ति खरीद में उनकी भूमिका को लेकर पूछताछ कर सकती है। 

स्काईलाइट इनवेस्टमेंट में बहुत बड़े अमाउंट में कैश जमा करने को लेकर भी वाड्रा से पूछताछ की जा सकती है। इससे पहले निदेशालय ने विदेश में संपत्ति खरीद में कथित धन शोधन में अपनी जांच के संबंध में नई दिल्ली में वाड्रा से पूछताछ की थी। सोमवार शाम को प्रियंका गांधी भी पति रॉबर्ट वाड्रा से मिलने के लिए जयपुर पहुंची थीं। वह लखनऊ में रोड शो खत्म करने के बाद अचानक विशेष विमान से जयपुर के लिए रवाना हो गई थीं। 

क्या है बीकानेर मनी लॉन्ड्रिंग केस 
बीकानेर लैंड डील में ईडी ने 2015 में एक आपराधिक मामला दर्ज किया था। इसमें राजस्थान पुलिस द्वारा दर्ज की गई एफआईआर और आरोप पत्रों का संज्ञान लिया गया था। दरअसल बीकानेर के तहसीलदार ने भारत-पाकिस्तान सीमा होने के कारण संवेदनशील माने जाने वाले इलाके में जमीन आवंटन में कथित फर्जीवाड़े की शिकायत की थी। तहसीलदार ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया था कि 34 गांवों में सरकारी जमीन जो बीकानेर जिले में आर्मी के लिए फायरिंग रेंज की तरह इस्तेमाल होने वाली थी, उसको लैंड माफिया ने हथिया लिया है। 

शिकायत के मुताबिक जमीन कुछ सरकारी अफसरों की मिलीभगत से फर्जी और जाली दस्तावेजों के आधार पर कब्जाई गई थी। ईडी सरकारी जमीन कब्जाए जाने के मामले में मनी लॉन्ड्रिंग ऐंगल की जांच कर रहा है। सरकारी जमीन पर कब्जे का मामला 1400 एकड़ के भूमि अधिग्रहण से जुड़ा है। जमीन 2009 से 2011 के बीच सात कंपनियों को बेची गई थी। इनमें से एक वाड्रा से कनेक्शन वाली कंपनी स्काईलाइट हॉस्पिटैलिटी थी जिसने इलाके में जमीन खरीदी थी। कहा जा रहा है कि ईडी इसी कंपनी के कामकाज के बारे में वाड्रा से पूछताछ कर सकती है। 


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