कुत्‍ते ने खुद जान देकर बचाई 35 लोगों की जान
इमारत में सिलेंडरों से कई ब्लास्ट भी हुए हैं, बिल्डिंग से सटे 4 मकान ध्वस्त हो गए हैं.


नई दिल्‍ली: कहते हैं कुत्‍ता इंसानों का सबसे अच्‍छा दोस्‍त होता है. मुसीबत या परेशानी के समय कुत्‍ता अपने मालिक समेत अन्‍य लोगों को भी बचाने का पूरा प्रयास करता है. ऐसी ही एक घटना उत्‍तर प्रदेश के बांदा के अतर्रा में हुई. अतर्रा की लखन कॉलोनी में स्थित एक फर्नीचर शोरूम में आग लग गई थी. जिस वक्‍त आग लगी उस समय बहुमंंजिला इमारत में 35 लोग सो रहे थे. इसी शोरूम के मालिक का पालतू कुत्‍ता भी वहां बंधा हुआ था.

ऐसे में जब बहुमंजिला फर्नीचर शोरूम में आग लगी तो कुत्‍ते ने तेज-तेज भौंकना शुरू कर दिया. इसके बाद उसके भौंकने की आवाज सुनकर सो रहे लोगों की नींद टूटी. इसके बाद सभी लोग आग देखकर इमारत से इमारत से बाहर निकल गए. लेकिन इस कुत्‍ते की जान नहीं बच पाई. क्‍योंकि यह कुत्‍ता जंजीर से बंधा हुआ था और लोगों ने बाहर भागते समय इस पर ध्‍यान नहीं दिया.

इस घटना पर शोरूम के मालिक राकेश चौरसिया ने भी जानकारी दी. उनके अनुसार ऐसी आंशका है कि शोरूम में आग बिजली के शॉर्ट सर्किट से लगी. जब यह आग लगी उस समय इमारत में करीब 35 लोग सो रहे थे.  पालतू कुत्‍ते ने भौंककर उन्‍हें जगाया और उनकी जान बच गई. लेकिन बाद में इमारत में विस्‍फोट हुआ और कुत्‍ते की जान चली गई.

बिल्डिंग के बेसमेंट और पहले फ्लोर में फर्नीचर, दूसरे और तीसरे में इलेक्ट्रॉनिक शोरूम और चौथे में परिवार रहता था. आग और धमाकों से बिल्डिंग समेत आसपास के 4 अन्य मकान जमींदोज हो गए. राहत की बात यह रही कि शोरूम मालिक के पालतू कुत्ते ने भौंककर 35 लोगों की समय रहते जान बचा ली लेकिन खुद जंजीर से बंधा होने के कारण वह अपनी जान गंवा बैठा. कुत्ते का शोर सुनकर बिल्डिंग के ऊपरी हिस्से में रह रहे परिजन जाग गए और आसपास के लोगों को भी बाहर निकाल फायर ब्रिगेड को भी सूचना दी.

फायर अधिकारी विनय कुमार ने बताया कि "राकेश फर्नीचर के बेसमेंट में शार्ट सर्किट से यह आग लगी जहां प्लाईवुड का अवैध गोदाम था. इमारत में सिलेंडरों से कई ब्लास्ट भी हुए हैं, बिल्डिंग से सटे 4 मकान ध्वस्त हो गए हैं. मौके पर तीन जिलों की दर्जनों फायर ब्रिगेड गाड़ियां पहुंची थीं. घटनास्थल रिहायशी और तंग गली में होने के कारण राहत और बचाव कार्य में कठिनाई आ रही थी. मौके से शोरूम मालिक फरार है. हम इन पर एफआईआर दर्ज कराने की तैयारी कर रहे हैं क्योंकि यह अवैध तरीके से रिहायशी इलाके में कमर्शियल गतिविधियां चला रहे थे, हमें इनके अवैध शोरूम और गोदाम के बारे में कोई सूचना नहीं थी.


अधिक देश की खबरें