मोदी की ऐतिहासिक जीत के दिन मिला नवजात, जन्म के साथ संघर्ष को देख नाम रखा नरेंद्र
नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक जीत के दिन 23 मई इस बालक का परित्याग होने के कारण बाल कल्याण समिति के सभी सदस्यों की सर्व सहमति से इसका नाम नरेंद्र रखा है।


चित्तौड़गढ़, (हि.स.)। जिला महिला एवं बाल चिकित्सालय के पालना गृह में गुरुवार को अज्ञात द्वारा एक नवजात बालक को छोड़ जाने के बाद अस्पताल प्रशासन ने बच्चे को एनआईसीयू में भर्ती कर लिया। बालक का सुरक्षित परित्याग होने के कारण वह स्वस्थ हैं। नरेंद्र मोदी के ऐतिहासिक जीत के दिन 23 मई इस बालक का परित्याग होने के कारण बाल कल्याण समिति के सभी सदस्यों की सर्व सहमति से इसका नाम 'नरेंद्र' रखा है। इसके पीछे मुख्य कारण यह भी बताया जा रहा है कि बालक का जन्म से ही परित्याग हो गया था तो अपना जीवन जीने के लिए उसे आगे भी संघर्ष करना पड़ेगा। वहीं जिस प्रकार मोदी ने चाय बेच कर संघर्ष करते हुए आगे बढ़े और आरएसएस कार्यकर्ता से दूसरी बार प्रधानमंत्री पद तक पहुंचे हैं। उसी तरह संघर्ष को बालक ने जन्म से ही झेलना शुरू कर दिया है। 

बाल कल्याण समिति के सदस्य अरविंद पुरोहित इस बताया कि लगभग एक माह पूर्व भी एक बालक का परित्याग किया गया था लेकिन बच्चे को झाड़ियों में फेंकने के कारण उसकी मौत हो गयी थी। जबकि नरेंद्र का सुरक्षित परित्याग किया गया था। गुरुवार शाम लगभग 6 बजे उसे पालना गृह में छोड़ा गया था और उसी समय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की जीत की भी घोषणा की गई थी। बच्चे के किस्मत और संघर्षों को देखते हुए उसका नाम नरेंद्र ही रखा गया है। इधर, डॉक्टरों का कहना है कि अभी एक महीने तक बच्चे को मदर मिल्क बैंक में माताओं द्वारा डोनेट किया दूध ही पिलाया जाएगा। जानकारी में सामने आया कि शुक्रवार को बाल कल्याण समिति के तीनों सदस्य अरविंद पुरोहित, कालू लाल सुथार व सुमित्रा साहू ने सुबह अस्पताल पहुंच कर औपचारिकताओ को पूर्ण करने में जुट गए है। तीनों सदस्यों के अतिरिक्त बाल संप्रेषण गृह के अधीक्षक भैरूलाल भांड और आया तारा ने भी अस्पताल पहुंच कर बच्चें को देख उसके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली। 

अस्पताल प्रशासन ने बाल कल्याण समिति के सदस्यों व देख-रेख करने वाली आया को मदर मिल्क प्रोसेस के बारे में समझाया। साथ ही इसका इस्तेमाल कैसे किया जाकर बच्चें को दूध पिलाया जा सकता है, इसकी ट्रेनिंग दी गयी। सदस्य अरविंद पुरोहित ने बताया कि डॉ. मीणा के निर्देशानुसार एक महीने से बच्चे को यही दूध पिलाया जायगा। उन्होंने बताया कि बच्चे को शनिवार की सुबह सभी औपचारिकताएं पूर्ण करके शिशु गृह में लाया जाएगा। 



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