यूएनएचआरसी में भारत ने पाकिस्तान को किया बेनकाब, पड़ोसी देश को बताया आतंक का उदगम स्थल
भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर में समाजिक-आर्थिक समानता और न्याय को बढ़ावा देने के लिए कुछ प्रगतीशील उपाय किए हैं।


जिनेवा/नई दिल्ली : भारत ने पाकिस्तान को आतंक का उदगम स्थल करार देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर के संदर्भ में सरकार ने जो प्रगतिशील फैसले किए हैं, उससे राज्य की जनता सुरक्षित और सम्पन्न होगी।

संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार परिषद (यूएनएचआरसी) के 42वें सत्र में भारतीय प्रतिनिधि विदेश मंत्रालय में सचिव (पूर्व) विजय ठाकुर सिंह ने पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी की ओर से लगाए गए आरोपों का मुंहतोड़ जवाब दिया। उन्होंने पाकिस्तान का नाम लिए बिना कहा कि सम्मेलन में एक देश ने जम्मू-कश्मीर के बारे में झूठ की ‘रनिंग कमेंटरी’ सुनाई है। यह वही देश है जो आतंकवाद का मूल स्रोत रहा है तथा जिसके सीमापार आतंकवाद से जम्मू-कश्मीर लम्बे समय से प्रभावित रहा है।

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में नागरिक प्रशासन चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों के बावजूद आवश्यक सेवाओं को बहाल रखने, आपूर्ति सुनिश्चित करने, आवागमन और सम्पर्क सुविधाओं को कायम रखे हुए है। प्रतिबंधों को क्रमबद्ध तरीके से धीरे-धीरे हटाया जा रहा है। ऐहतियात के तौर पर जो प्रतिबंध लगाए गए हैं, उसका कारण सीमापार से आतंकवाद फैलाने संबंधी विश्वस्त सूचनाएं हैं। उन्होंने कहा कि भारत ही नहीं बल्कि पूरी दुनिया आतंकवाद की शिकार रही है। आतंकवादी लोगों से जीवन का मूलभूत अधिकार छीनते हैं। आतंकवाद के प्रति दुनिया को मिलकर कारगर कार्रवाई करनी चाहिए। यदि आतंकवाद के बारे में मौन धारण किया गया तो इससे आतंकवादियों का ही हौसला बढ़ेगा।

भारतीय प्रतिनिधि ने जम्मू-कश्मीर के बारे में किसी अन्य देश की भूमिका और प्रलाप को खारिज करते हुए कहा कि भारत दुनिया का सबसे बड़ा लोकतंत्र है तथा सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर के बारे में लिए गए फैसले उसके सम्पूर्ण अधिकार में है। कोई भी देश अपने आंतरिक मामलों में किसी अन्य देश की दखलंदाजी बर्दाश्त नहीं कर सकता। कम से कम भारत तो ऐसा निश्चित रूप से नही करेगा।

भारतीय प्रतिनिधि ने कहा कि सरकार ने जम्मू-कश्मीर में समाजिक-आर्थिक समानता और न्याय को बढ़ावा देने के लिए कुछ प्रगतीशील उपाय किए हैं। ऐसे प्रगतिशील विधायी उपायों के माध्यम से राज्य में स्त्री-पुरुष असमानता दूर होगी। बच्चों के अधिकार सुरक्षित होंगे तथा शिक्षा, सूचना और रोजगार संबंधी अधिकार लागू होंगे। देश के अन्य राज्यों में कायम कानून व्यवस्था का लाभ अब जम्मू-कश्मीर और लद्दाख के नागरिकों को भी मिलेगा।

पड़ोसी देश पर तीव्र प्रहार करते हुए विजय ठाकुर सिंह ने कहा कि यह देश भारत के खिलाफ आक्रामक भाषा का इस्तेमाल कर रहा है तथा झूठे व मनगढ़ंत आरोप लगा रहा है। दुनिया इससे वाकिफ है कि यह देश दुनिया में फैले आतंकवाद का मूल स्रोत है। इसी देश में आतंकवाद के अनेक सरगना पनाह लिए हुए हैं।

जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाए जाने के संबंध में उन्होंने कहा कि भारतीय संसद ने गहन चर्चा के बाद ऐसा विधाई उपाय किया। संसद की कार्रवाई का सजीव प्रसारण किया गया। भारतीय प्रतिनिधि ने राष्ट्रीय नागरिकता रजिस्टर के संबंध में स्पष्ट किया कि यह एक पारदर्शी बिना भेदभाव वाली कानूनी प्रक्रिया है जिसका आदेश भारत के सुप्रीम कोर्ट ने दिया था। इस प्रक्रिया की निगरानी भी सुप्रीम कोर्ट ने ही की। इसे  भारतीय कानून और देश की लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप ही लागू किया जाएगा।

विजय ठाकुर सिंह ने भारत का पक्ष पाकिस्तान के विदेश मंत्री शाह महमूद कुरैशी के बयान के कुछ घंटे बाद रखा। कुरैशी ने जम्मू-कश्मीर में मानवाधिकारों के उल्लंघन का आरोप लगाते हुए इस विश्व संस्था से हस्ताक्षेप करने की मांग की थी। 


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