अयोध्या फैसले पर बोले ओवैसी- खैरात के रूप में 5 एकड़ जमीन नहीं चाहिए
AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी


आज अयोध्या जमीनी विवाद का सुप्रीम कोर्ट ने ऐतिहासिक फैसला सुनाया लेकिन इस फैसले से मुस्लिम पक्ष संतुष्ट नही है। वहीं AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने एक बयान जारी किया है। उनका कहना है कि "मैं कोर्ट के फैसले से संतुष्‍ट नहीं हूं। सुप्रीम कोर्ट वैसे तो सबसे ऊपर है, लेकिन अपरिहार्य नहीं है. हमें संविधान पर पूरा भरोसा है, हम अपने अधिकार के लिए लड़ रहे हैं, हमें खैरात के रूप में 5 एकड़ जमीन नहीं चाहिए। हमें इस पांच एकड़ जमीन के प्रस्‍ताव को खारिज कर देना चाहिए। हम पर कृपा करने की जरूरत नहीं है।


ओवैसी ने आगे कहा, ''अगर मस्जिद वहां पर रहती तो सुप्रीम कोर्ट क्या फैसला लेती. यह कानून के खिलाफ है. बाबरी मस्जिद नहीं गिरती तो फैसला क्या आता है। जिन्होंने बाबरी मस्जिद को गिराया, उन्हें ट्रस्ट बनाकर राम मंदिर बनाने का काम दिया गया है।'


पढ़े क्या है निर्मोही अखाड़े का दावा

 सुप्रीम कोर्ट ने 40 दिन की सुनवाई के दौरान भी निर्मोही अखाड़े से कहा था कि शबैत (उपासक) का दावा कभी देवता के प्रतिकूल नहीं हो सकता. कोर्ट ने यह टिप्पणी निर्मोही अखाड़ा के उस दावे पर की थी जिसमें कहा गया था कि ‘राम लला’का मुकदमा खारिज किया जाए और अयोध्या में विवादित भूमि उसे दी जाए क्योंकि वह राम लला का एकमात्र उपासक यानी‘शबैत’है.


मामले में सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि यदि निर्मोही अखाड़ा ‘राम लला विराजमान’ के मुकदमे को लड़ रहा है तो वह राम लला के स्वामित्व के खिलाफ जा रहा है. वो अदालत से देवता के मुकदमे को खारिज करने के लिए कह रहा है. निर्मोही अखाड़ा ने दावा किया था कि विवादित स्थल पर वह राम लला का एकमात्र ‘शबैत’ (राम लला के भक्त) हैं, जिस पर कोर्ट ने कहा कि अगर ऐसा है तो अखाड़ा 2.77 एकड़ विवादित जमीन पर स्वामित्व नहीं रख सकता.


अदालत ने निर्मोही अखाड़े के वकील जैन से कहा था कि ‘‘आपको अपने ‘शबैत’ के अधिकार साबित करने के लिए हमें साक्ष्य दिखाने होंगे. हमें उससे संबंधित प्रमाण दिखाइए.’’ इस पर जैन ने कहा था कि किसी अन्य पक्ष ने अखाड़ा के देवता के उपासक होने के दावे को चुनौती नहीं दी है. ‘‘मेरे पास मौखिक साक्ष्य (गवाह के) हैं, जिन्हें अन्य पक्षों ने चुनौती नहीं दी है.’’ उन्होंने यह भी कहा कि 1982 में एक डकैती पड़ी थी जिसमें अखाड़े के रिकॉर्ड खो गए थे.

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