लॉकडाउन के बाद से 13 कुत्तों का पेट भरने के लिए महिला खुद खा रही एक टाइम खाना
प्रतीकात्मक फोटो


नई दिल्‍ली : देश में कोरोना महामारी ने लोगों को बहुत कुछ दिया है. यही नहीं लोगों लाइफ स्टाइल ही चेंज हो गया. कोरोना संक्रमण का असर सीधे तौर अधिकांश लोगों की जिंदगी पर पड़ा है. इसका जीता-जागता उदाहरण मार्च और अप्रैल के महीने में देखने को मिला जब देश के विभिन्‍न हिस्‍सों से प्रवासी मजदूर भूखे-प्‍यासे अपने-अपने घर लौट रहे थे. 

यही नहीं कुछ लोग तो आज भी भूखें हैं ताकि वह दूसरों का पेट भर सकें. चेन्‍नई में एक महिला के पास 13 पालतू कुत्‍ते हैं. वह रोजाना सिर्फ एक टाइम का खाना खाती है ताकि अपने कुत्‍तों को भरपेट खिला सके.

चेन्‍नई के माइलापोर लाला थोटम कालोनी में रहने वाली 39 साल की मीना घर-घर जाकर कुक और नौकरानी का काम करती हैं. उन्‍हें कुत्‍तों से बहुत लगाव है. वह कुत्‍तों के साथ ही घर पर रहती हैं. उनके पास 13 पालतू कुत्‍ते हैं. वह अपने कुत्‍तों से इतना प्‍यार करती हैं कि उन्‍होंने उनके साथ रहने के लिए शादी भी नहीं की. 

देश कोरोना वायरस संक्रमण के कारण मार्च में लॉकडाउन लग गया. वह पहले से जानती थीं कि इसके बाद खाने-पीने की दिक्कतें होने वाली हैं. ऐसे में वह जिन घरों में काम करती थीं, वहां से उन्‍होंने एडवांस सैलरी मांगी. सिर्फ दो घरों से उनको दो महीने की एडवांस सैलरी मिल गई.

इस एडवांस सैलरी से मीना ने घर में चावल और कुत्‍तों का खाना पेडीग्री खरीद कर रख‍ लिया. इसके बाद उन्‍होंने अपनी खुराक घटा दी ताकि वह अपने कुत्‍तों का पेट भर सकें. वह अपने कुत्‍तों कभी भूखा नहीं रखती हैं. उनका मानना है कि कुत्‍तों की सेवा करने से वह भगवान से कनेक्‍ट होती हैं. वह सुबह घरों में काम करती हैं और कमाई गई रकम से अपने 13 कुत्‍तों की देखभाल करती हैं.


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