हवाई हादसा में बाल-बाल बचे वेंकैया नायडू
ये हादसे प्लेन में तकनीकी खामी की वजह से हुए थे।


नई दिल्ली : केंद्रीय मंत्री वेंकैया नायडू नौ बार हवाई हादसों में बाल-बाल बचे हैं। ये हादसे प्लेन में तकनीकी खामी की वजह से हुए थे। बुधवार को अमित शाह और वेंकैया नायडू को ले जा रहे चार्टड प्लेन में तकनीकी खामी आ गई, जिसकी वजह से दोनों नेताओं को अपना इम्फाल जाने का प्लान को रद्द करना पड़ा। दोनों नेता एन बीरेन सिंह के शपथ समारोह में शामिल होने जा रहे थे। उड़ान भरने के 40 मिनट बाद प्लेन वापस दिल्ली लौट आया।

नायडू के साथ हवाई हादसों का सफर साल 2003 में उस वक्त शुरू हुआ था, जब एयर डेक्कन की उद्घाटन प्लेन के इंजन ने आग पकड़ ली थी। इसे बाद उनके हेलीकॉप्टर कई बार लैंड करते हुए क्रैश हुए हैं। हेलीकॉप्टर लैंड क्रैश होने की घटनाएं नागालैंड, मेघालय, झारखंड, और राजस्थान के सिरोही में हो चुकी हैं। बुधवार को जब उनका प्लेन वापस दिल्ली लौटा तो किसी ने यह कहने की कोशिश की कि किसी की हिम्मत नहीं है कि नायडू के साथ हवाई सफर किया जाए। लेकिन शाह ने कहा कि नायडू हर मौके पर सुरक्षित बचे हैं, इसलिए नतीजा यह निकला कि यह सब सुरक्षित है।

बता दें, भारतीय जनता पार्टी के एन बीरेन सिंह ने बुधवार को मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ ली थी। यह शपथ कार्यक्रम इंफाल के राज भवन में हुआ था। इससे पहले मंगलवार को मणिपुर की गवर्नर नजमा हेपतुल्लाह ने भाजपा और उनकी साथी पार्टियों को सरकार बनाने का न्योता दिया था। 11 मार्च को आए चुनावी नतीजों के बाद कांग्रेस और बीजेपी दोनों पार्टियों द्वारा सरकार बनाने का दावा किया जा रहा था।

मणिपुर में कांग्रेस सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी। कांग्रेस के 28 उम्मीदवार जीते थे, वहीं बीजेपी के 21 उम्मीदवार जीते थे। लेकिन कांग्रेस से पहले भारतीय जनता पार्टी ने बाजी मार ली। भाजपा ने एनपीपी और अन्य दलों को अपने साथ करने में कामयाब रही और इसके बाद भाजपा सहयोगी दलों के समर्थन से राज्यपाल के सामने सरकार बनाने का दावा पेश कर दिया था। बीजेपी ने दावा किया था कि उसके पास NPP(4), NPF (4) और LJP(1) के साथ-साथ तीन और विधायकों का भी समर्थन है।


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