बिजनेस में सफलता के लिए हाइट, गोरापन जरूरी
इस सब्जेक्ट के एक चैप्टर में सफल आंत्रप्रेन्योर बनने की क्वॉलिटी बताई गई हैं।


जयपुर : सीबीएसई स्कूलों में 12वीं में पढ़ाई जाने वाली फिजिकल एजुकेशन की किताब में 36-24-36 के फिगर वाली महिलाओं को बेस्ट बताने के बाद अब राजस्थान सरकार की एक किताब पर विवाद हो गया है। इस सब्जेक्ट के एक चैप्टर में सफल आंत्रप्रेन्योर बनने की क्वॉलिटी बताई गई हैं। इसमें लिखा है कि सफल उद्यमी बनने के लिए अच्छी लंबाई और सुंदर होना जरूरी है।

राजस्थान के सरकारी स्कूलों की किताबों में कुछ समय पहले ही ‘सामाजिक रूप से प्रासंगिक स्कीमें’ टॉपिक जोड़ा गया था। इसका मकसद केंद्र सरकार और राज्य सरकार की योजनाओं का प्रचार करना है। सेकंडरी और सीनियर सेकंडरी में जोड़े गए इस विषय के तहत स्किल इंडिया, स्वच्छ भारत जैसी स्कीमों के बारे में स्टूडेंट्स को पढ़ाया जा रहा है।

हाल में शुरू किए गए इस नए सब्जेक्ट के तहत क्लास 9 से 12 तक चार भागों में सरकारी योजनाओं पर किताबें पढ़ाई जा रही हैं। इनमें स्वच्छ भारत अभियान, प्रधानमंत्री कौशल विकास योजना, मुख्यमंत्री जल स्वालंबन योजना और भामाशाह योजना के चार चैप्टर हैं। किताब के एक चैप्टर में यह भी लिखा है कि भामाशाह ने महाराणा प्रताप को आर्थिक मदद की थी। इन किताबों को सरकारी स्कूल के टीचरों की सात सदस्यीय टीम ने तैयार किया है।

इसके अलावा बेहतर स्वास्थ्य, प्रभावशाली व्यक्तित्व, शालीनता और गंभीरता का भी जिक्र किया गया है।


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