2019 पर्ची से जान सकेंगे किसको दिया वोट
चुनाव आयोग हमेशा से इसकी मांग करता रहा है, और इसकी पूरी चर्चा करने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने इसे अपनी स्वीकृति दे दी है।


नई दिल्ली : EVM पर जारी बहस के बीच केंद्रीय मंत्रिमंडल ने आने वाले चुनाव में उपयोग के लिए पेपर ट्रेल मशीनों की खरीद के चुनाव आयोग के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी। अगर सितंबर 2018 तक ये सारी EVM बनकर तैयार हो जाएंगी तो 2019 के लोकसभा चुनाव में हर कोई आश्वस्त हो सकेगा कि उसने किसको वोट दिया है। यह निर्णय ऐसे समय में किया गया है जब विपक्षी दलों की ओर से चुनाव में EVM के साथ पेपर ट्रेल मशीन के उपयोग की मांग तेज हो रही है।

प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में छोटी सी चर्चा के बाद मतदाता सत्यापन की पर्ची दिखाने वाली मशीन (VVPAT) के खरीद के प्रस्ताव को मंजूरी दी। चुनाव आयोग ने देश के सभी मतदान केंद्रों के लिए 16 लाख से अधिक पेपर ट्रेल मशीनों की खरीद के लिए 3,174 करोड़ रुपये मांगे हैं। कैबिनेट ने नई इलेक्ट्रानिक वोटिंग मशीनों की खरीद के लिए अब तक दो किस्तों में 1,009 करोड़ रुपये और 9,200 करोड़ रुपयों की मंजूरी प्रदान कर चुकी है।

वित्त मंत्री अरुण जेटली ने नई मशीनों के लिए बैठक संपन्न होने के बाद कहा, 'अगर सितंबर 2018 तक सारी मशीन आ जाती हैं तो स्वाभाविक है कि उसके बाद जितने भी इलेक्शन होंगे सभी पोलिंग बूथ की इलेक्ट्रॉनिक मशीन के साथ पेपर ट्रेल भी होगा। चुनाव आयोग हमेशा से इसकी मांग करता रहा है, और इसकी पूरी चर्चा करने के बाद केंद्रीय मंत्रिपरिषद ने इसे अपनी स्वीकृति दे दी है।'

जून 2014 से अब तक चुनाव आयोग ने सरकार को कम से कम 11 बार VVPAT मशीनों की खरीद के लिए सूचना दी थी, लेकिन सरकार की ओर से इस पर कोई कार्यवाही नहीं की जा रही थी। पिछले साल चुनाव आयुक्त एस. एन. ए. जैदी ने प्रधानमंत्री को पत्र लिखकर उनका ध्यान इस ओर दिलाया था। सुप्रीम कोर्ट ने आयोग को यह बताने को कहा था कि वह कब तक सभी मतदान केंद्रों में VVPAT मशीनों का उपयोग कर सकती है।

आयोग ने कहा है कि दो पब्लिक सेक्टर की दो कंपनियां, ECIL और BEL को 16 लाख मशीनें बनाने के लिए तकरीबन 30 महीने का समय चाहिए। 16 राजनीतिक दलों ने हाल ही में चुनाव आयोग के समक्ष अपने ज्ञापन में व्यापक पारदर्शिता के लिए पेपर बैलेट प्रणाली लागू करने को कहा था। बीएसपी, आम आदमी पार्टी और कांग्रेस ने EVM में कथित छेडछाड़ के मुद्दे पर चुनाव आयोग पर निशाना साधा था।

VVPAT मशीन में वोट डालने के बाद वोटर को एक पर्ची मिलेगी जिसमें उस पार्टी का चिह्न बना होगा जिसे उसने वोट दिया होगा। हालांकि दिखने के बाद यह पर्ची तुरंत एक बॉक्स में गिर जाएगी। मतलब मतदाता इसे अपने साथ नहीं ले जा पाएंगे। सिर्फ सात सेकंड तक ही यह पर्ची दिखेगी।


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