एमसीडी चुनाव: अपने सर्वे में आप ने किया जीत का दावा, 218 सीटें मिलने का दावा
केंद्र सरकार बिजली-पानी के विभागों को दिल्ली सरकार से छीनकर नगर निगमों के हवाले कर सकती है।


नई दिल्ली : आम आदमी पार्टी (आप) ने एक सर्वे का हवाला देते हुए दिल्ली में अपनी जीत का दावा किया है। पार्टी का कहना है कि गत दो सालों में दिल्ली सरकार ने बेहतरीन काम किये हैं जिनके चलते लोग उन्हें पसंद कर रहे हैं।

आप के वरिष्ठ नेता एवं राष्ट्रीय प्रवक्ता आशीष खेतान ने कहा कि​ पार्टी ने एक पेशेवर निजी कंपनी द्वारा एक सर्वे कराया जिससे पता चला कि हम लोगों के बीच लोकप्रिय हैं। खेतान ने कहा कि 7 से 17 अप्रैल तक चला यह सर्वे बताता है कि दिल्ली नगर निगम में आप को कुल 272 सीटों में से 218 सीटें मिलने जा रही हैं। 
भाजपा 39 सीटों के साथ नंबर दो पर है और कांग्रेस 8 सीटों के साथ नंबर 3 पर है। निर्दलीय और अन्य को 7 सीटें हासिल होंगी। कुल 31,507 लोगों की राय जानने के बाद, सर्वे एजेंसी ने ‘आप’ को 51.2 % वोट भाजपा को 28.1 % और कांग्रेस को 9.2 % वोट शेयर दिया है। अन्य और निर्दलीय को 11.5% वोट मिल रहे हैं। जबकि सर्वे के अनुसार कांग्रेस का वोट शेयर 2015 के मुकाबले 0.5% कम हुआ है। 

खेतान ने कहा कि सर्वे के नतीजों से यह साफ़ हो जाता है कि हमारे कामों को लोगों ने स्वीकृति दी है। उन्होंने कहा कि निगम चुनाव में बिजली, पानी, गंदगी और भ्रष्टाचार अहम मुद्दा हैं और पिछले 10 साल में नगर निगम में भाजपा के कुशासन के ख़िलाफ़ लोगों में बेहद नाराज़गी है। 

सर्वे के बिदुंओं पर प्रकाश डालते हुए आप प्रवक्ता ने कहा कि करीब 61% लोगों ने दिल्ली में गंदगी के लिए एमसीडी को जिम्मेदार ठहराया है। लोगों का मानना है कि एमसीडी के पार्षद और उच्च अधिकारी विकास के कार्य के पैसे का गबन करते हैं जिसकी वजह से दिल्ली में कूड़ा-कचरा साफ नहीं होता है। सर्वे बताता है कि जेजे कलस्टर और अनाधिकृत कॉलोनियों के लोगों में केजरीवाल सरकार की बिजली-पानी की योजना सबसे अधिक लोकप्रिय है। इस योजना से लोगों को हर महीने 3000 से 10000 रूपये तक की बचत हो रही है। करीब 80% से भी ज्यादा लोग बिजली के कम हुए दामों से खुश हैं वहीं करीब 72% लोग पानी के बिल माफ होने की वजह से केजरीवाल सरकार से संतुष्ट हैं। 

आप ने दावा किया कि करीब 62% लोग यह मानते हैं कि केंद्र सरकार बिजली-पानी के विभागों को दिल्ली सरकार से छीनकर नगर निगमों के हवाले कर सकती है। अगर ऐसा हुआ तो दिल्ली में भी अन्य महानगरों की तरह बिजली महंगी हो जाएगी। सर्वे में यह भी सामने आया है कि दिल्ली के लोग शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्रों में हुए कामों से भी खुश है। 59% लोग मानते हैं कि केजरीवाल सरकार ने सरकारी अस्पतालों और डिस्पेंसरियों को पहले के मुकाबले काफी बेहतर बना दिया है, वहीं 18% लोग ऐसे भी मिले जिन्होंने या तो अपना या अपने किसी क़रीबी का इलाज मोहल्ला क्लीनिक में कराया है। 

इनमें से 87% लोग मोहल्ला क्लीनिक की सुविधाओं और इलाज के स्तर से काफी खुश हैं। 55% लोगों ने बताया कि दिल्ली सरकार की मुफ्त दवा, फ्री टेस्ट और इलाज की स्कीम से उन्हें हर महीने पैसे की काफी बचत होने लगी है। यह राशि 1000 से लेकर 7500 रुपए है। खेतान ने सर्वे का हवाला देकर कहा कि 78% लोग यह मानते हैं कि केजरीवाल सरकार ने शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन काम किया है। 68% लोगों का मानना है कि उनके बच्चों को दिल्ली सरकार के स्कूलों में अच्छी शिक्षा प्राप्त हो रही है।


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