एलजी ने दी 95 गांवों को शहरीकृत करने की मंजूरी
दिल्ली विकास अधिनियम 1957 के तहत डीडीए के विकास क्षेत्र के रुप में इन गांवों को शामिल करने से विकास एवं सस्ते आवास की परियोजनाओं में तेजी आएगी।


नई दिल्ली : राष्ट्रीय राजधानी के 95 गावों में रहने वाले लोगों के लिए राजनिवास से शुक्रवार को एक अच्छी खबर मिली। दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल ने बाहरी दिल्ली के 95 गांवों को डीडीए के क्षेत्राधिकार में शामिल करने की अधिसूचना को आज मंजूरी दी। दिल्ली विकास अधिनियम 1957 के तहत डीडीए के विकास क्षेत्र के रुप में इन गांवों को शामिल करने से विकास एवं सस्ते आवास की परियोजनाओं में तेजी आएगी। 

विकास परियोजनाओं में पहले से ही शामिल किए जा चुके इन गांवों को राजनिवास द्वारा शुक्रवार को शहरीकृत घोषित करने की अधिसूचना जारी की गई। राजनिवास द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान में इसकी जानकारी दी गई है। अधिसूचना के अनुसार 95 गांवों को पांच जोनों में बांटा गया है। जोन - K1 में 20, जोन- Lमें 30, जोन - N में 21, जोन - P2 में 23 और जोन- J में 01 गांव को शामिल किया गया है।

सरकार का दावा है कि यह घोषणा राष्ट्रीय राजधानी में सस्ते घरों के निर्माण में लैंड पूलिंग नीति को लागू करने में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगी। इसके द्वारा प्राइवेट लैंड का उपयोग बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट में किया जा सकेगा। इसके फलस्वरुप इन गांवों में ग्राम सभा की खाली जमीन का डीडीए के विकास क्षेत्रों के रुप में इस्तेमाल कर इस पर 25 लाख सस्ते आवास योजना को लागू किया जा सकेगा।

डीडीए इन गांवों सीवर, पानी की आपूर्ति, बिजली की आपूर्ति और बस अड्डा जैसी मूलभूत सुविधाओं का विकास करेगा। इस बीच बैजल ने भी ट्वीट कर कहा कि 95 गांवों को डीडीए के विकसित क्षेत्र घोषित करने की अधिसूचना को मंजूरी दे दी है। इससे दिल्ली में बेसिक इन्फ्रास्ट्रक्चर डिवेलपमेंट को आगे बढ़ाने में गति मिलेगी।

दिल्ली सरकार ने अक्टूबर 2015 में 95 गांवों की ग्राम सभा की जमीन को राजस्व विभाग को स्थानांतरित कर शहरीकरण के दायरे में आ चुकी खेती की जमीन को विकास परियोजनाओं के लिए इस्तेमाल का रास्ता साफ कर दिया था। 


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