अमित शाह ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की जीवनी पर रचित पुस्तक ‘द मेकिंग ऑफ़ ए लीजेंड' का विमोचन किया
नरेन्द्र मोदी शायद एकमात्र ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने तीन साल में एक दिन की भी छुट्टी नहीं ली.


नई दिल्ली :  भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह ने आज नई दिल्ली के मावलंकर हॉल में आज सुलभ इंटरनेशनल के संस्थापक बिन्देश्वरी पाठक द्वारा प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के जीवन पर लिखित पुस्तक ‘द मेकिंग ऑफ़ ए लीजेंड' के लोकार्पण अवसर पर आयोजित एक सभा को संबोधित किया और श्री मोदी के जीवन के विभिन्न पहलुओं पर चर्चा की। पुस्तक का विमोचन परम पूज्य सरसंघचालक मोहन भागवत और अमित शाह के कर-कमलों द्वारा किया गया। 

भाजपा अध्यक्ष ने कहा कि हम सभी कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के व्यक्तित्व के एक ही हिस्से से परिचित हैं कि कैसे गरीबी से निकल कर नरेन्द्र मोदी राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ से जुड़े, संघ प्रचारक बने, फिर भारतीय जनता पार्टी में राष्ट्रीय स्तर पर संगठन के विभिन्न पदों पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करते हुए में गुजरात के प्रधानमंत्री बने और अब देश का नेतृत्व कर सबका साथ, सबका विकास के सिद्धांत पर भारतवर्ष को आगे ले जाने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि गुजरात के मुख्यमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने जिस तरह से काम किया, उसके एक अलग पहलू की ओर आप सभी का ध्यान आकर्षित करना चाहता हूँ। 

उन्होंने कहा कि कांग्रेस-नीत यूपीए के शासनकाल में देश के अंदर एक अलग तरह का माहौल सृजित हुआ, लोग यह सोचने पर विवश होने लगे थे कि क्या हमारी बहुपक्षीय लोकतांत्रिक संसदीय व्यवस्था असफल हो जायेगी, लोगों यह मानने लगे थे कि यदि इसी प्रकार का अस्थिरता का माहौल लंबे समय तक देश में चलता है तो न तो देश की दिशा निश्चित हो सकती है और न ही देश की समस्याओं का निवारण हो सकता है। उन्होंने कहा कि गुजरात का मुख्यमंत्री बनने के बाद नरेन्द्र मोदी ने गुजरात की दशकों पुरानी गंभीर से गंभीर समस्याओं का सहजता से निवारण किया। 

उन्होंने कहा कि गुजरात की सबसे बड़ी समस्या गिरता हुआ जलस्तर थी। उन्होंने कहा कि नरेन्द्र मोदी ने इस क्षेत्र में काम करने वाले कई लोगों से विस्तृत चर्चा करके राज्य में जल संचय का एक बहुत बड़ा आंदोलन शुरू किया और एक ही साल में एक लाख 60 हजार से ज्यादा चेक डैम बनाकर गुजरात के गिरते हुए जलस्तर को ऊपर उठाने का काम किया गया। उन्होंने कहा कि इसके बाद माँ नर्मदा के पानी को सरस्वती तक ले जाने का काम किया गया, राज्य की 21 नदियों में माँ नर्मदा के जल को पहुंचाया गया, राज्य के लगभग 11 हजार तालाबों में जल संचय किया गया और अंततोगत्वा नरेन्द्र मोदी गुजरात को डार्क जोन से बाहर निकालने में सफल हुए। 

श्री शाह ने कहा कि स्वरोजगार पर बल देने का अभिनव प्रयोग नरेन्द्र मोदी ने गुजरात में ही शुरू किया था। उन्होंने कहा कि सवा सौ करोड़ के देश में केवल नौकरी बेरोजगारी की समस्या का समाधान नहीं कर सकती, इसलिए नरेन्द्र मोदी ने गुजरात के मुख्यमंत्री रहते हुए ही स्वरोजगार और कौशल विकास का मॉडल राज्य में लागू करके बेरोजगारी की समस्या का समाधान करने का सफल प्रयास किया। उन्होंने कहा कि आज जब यह पूछा जाता है कि मोदी सरकार ने कितना रोजगार दिया तो मैं बस इतना ही कहना चाहता हूँ कि केवल प्रधानमंत्री मुद्रा योजना के माध्यम से देश के सात करोड़ 28 लाख से अधिक लोगों को स्वरोजगार दिया गया है। 


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