राष्ट्रपति चुनाव सांप्रदायिक विचारधारा के खिलाफ लड़ाई है: सोनिया
यह चुनाव विचारधारा और मूल्यों की लड़ाई का प्रतिनिधित्व करता है।


नई दिल्ली : राष्ट्रपति चुनाव से एक दिन पहले कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने रविवार को कहा कि यह चुनाव 'संकीर्ण सोच, विघटनकारी और सांप्रदायिक विचारधारा' के खिलाफ लड़ाई है। राष्ट्रपति और उपराष्ट्रपति पद के लिए विपक्ष के साझा उम्मीदवारों मीरा कुमार और गोपाल कृष्ण गांधी की मौजूदगी में उन्होंने विपक्षी नेताओं से कहा कि इन चुनावों में संख्या बल भले ही इनके खिलाफ है लेकिन 'लड़ाई जरूर लड़ी जानी चाहिए और पूरी ताकत से लड़ी जानी चाहिए।'

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, 'हम भारत को उनका गुलाम नहीं बनने दे सकते जो संकीर्णता, विघटनकारी और सांप्रदायिक सोच थोपना चाहते हैं।' उन्होंने कहा, 'हमें इस बात को लेकर और ज्यादा सजग होना होगा कि हम कौन हैं, आजादी की लड़ाई में हमने किसलिए संघर्ष किया और हम अपना भविष्य क्या चाहते हैं। हमें उन मूल्यों में विश्वास जताना है जिनको हम मानते हैं।'

राष्ट्रपति चुनाव को विचारधारा की लड़ाई बताते हुए सोनिया ने कहा, 'यह चुनाव विचारधारा और मूल्यों की लड़ाई का प्रतिनिधित्व करता है। वक्त की मांग है कि इस चुनाव में अंतरात्मा की आवाज पर वोट हो ताकि उस भारत को बचाया जा सके जिसके लिए महात्मा गांधी और स्वतंत्रता सेनानियों की पीढ़ियों ने लड़ा। हजारों लोगों ने एक साथ मिलकर जिसके लिए संघर्ष किया।'

कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने अलग-अलग दलों के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में कहा कि यह लड़ाई समावेशी, सहिष्णु और बहुलवादी भारत के लिए है। बता दें कि सोमवार को जहां राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोट डाले जाएंगे वहीं उप राष्ट्रपति चुनाव के लिए 5 अगस्त को वोट डाले जाएंगे।


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