नवाज शरीफ मुकदमे का सामना करने ब्रिटेन से लौटे
भ्रष्टाचार निरोधी अदालत में मुकदमों का सामना करेंगे नवाज शरीफ


इस्लामाबाद : पाकिस्तान के पदच्युत प्रधानमंत्री नवाज शरीफ पनामा पेपर्स घोटाले में भ्रष्टाचार के आरोप लगने के बाद भ्रष्टाचार निरोधी अदालत में शुक्रवार को मुकदमों का सामना करेंगे। इसके लिए वह गुरुवार को लंदन से लौट आए। सुप्रीम कोर्ट ने 28 जुलाई को इस घोटाले में प्रधानमंत्री के तौर पर 67 साल के शरीफ को अयोग्य करार दे दिया था, जिसके बाद उन्हें इस पद के साथ-साथ पाकिस्तान मुस्लिम लीग-नवाज (पीएमएल-एन) के प्रमुख के पद से भी हटना पड़ा।

पिछले महीने शरीफ गले के कैंसर से पीड़ित अपनी पत्नी कुलसुम नवाज को देखने के लिए लंदन गए थे। पनामा पेपर्स घोटाले से जुड़े भ्रष्टाचार के 3 मामलों में नवाज शरीफ के पेश नहीं होने पर जवाबदेही अदालत ने 26 अक्टूबर को उनके खिलाफ जमानती गिरफ्तारी वॉरंट जारी किया था जिसके बाद शरीफ को मजबूरन पाकिस्तान लौटना पड़ा। अदालत गुरुवार से सुनवाई फिर से शुरू करेगी। इन मामलों में शरीफ, उनकी बेटी मरियम, दामाद मोहम्मद सफदर को समन भेजे गए हैं। 

सरकारी पीटीवी के फुटेज में शरीफ को पाकिस्तान इंटरनैशनल एयरलाइन के विमान से इस्लामाबाद के शहीद बेनजीर भुट्टो अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर उतरते देखा गया। सत्तारुढ़ दल के वरिष्ठ नेताओं ने उनकी अगवानी की जिसके बाद उन्होंने हवाईअड्डे के वीआईपी लाउंज में पार्टी के नेताओं के साथ बातचीत की। बाद में वह निजी वाहन से इस्लामाबाद स्थित पंजाब हाउस की ओर रवाना हो गए। माना जा रहा है कि वह पूरे दिन अदालती मामलों, सियासी हालात और पार्टी संबंधी मामलों पर गहन विचार-विमर्श करेंगे। 

शरीफ ने लंदन में मीडिया से कहा था कि वह ऐसे समय फर्जी मामलों का सामना करने के लिए पाकिस्तान लौट रहे हैं जब कि उन्हें अपनी पत्नी के साथ होना चाहिए। उन्होंने कहा, ये मामले फर्जी हैं लेकिन मैं उनका सामना करने के लिए लौट रहा हूं। राष्ट्रीय जवाबदेही ब्यूरो ने 8 सितंबर को शरीफ, उनके बच्चों और दामाद के खिलाफ इस्लामाबाद की जवाबदेही अदालत में 3 मुकदमे दायर किए थे। ऐसा सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद किया गया था। 






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