कांग्रेस ने किया कपिल सिब्बल को गुजरात कैंपेन से दूर, राम मंदिर पर दिया था बयान
Kapil Sibbal


नई दिल्ली, राम मंदिर के मुद्दे पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई को टालने की कपिल सिब्बल की दलील उन पर भारी पड़ती दिख रही है. सूत्रों के अनुसार, कांग्रेस ने उन्हें गुजरात चुनाव प्रचार से दूर रहने को कह दिया है.

बता दें कि बीजेपी इस मुद्दे पर आक्रामक हो गई है और गुजरात चुनाव में इसे जमकर भुनाती दिख रही है. ऐसे में कांग्रेस किसी भी तरह की ध्रुवीकरण को रोकना चाहती है. इसे ही देखते हुए सिब्बल को प्रचार से दूर करने का निर्णय लिया गया है.

कांग्रेस नेता संदीप दीक्षित ने स्वीकार किया है कि सार्वजनिक जीवन और राजनीति दोनों में सक्रिय होने पर वकीलों को कभी-कभी विवेकपूर्ण होना पड़ता है.

हालांकि, इस पर विवाद बढ़ने के बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि हमारी आस्था भगवान राम में है. जब भगवान राम चाहेंगे, तब मंदिर बनेगा. मोदीजी के कहने से नहीं बनेगा. उन्होंने कहा कि वे सुप्रीम कोर्ट में सुन्नी बोर्ड का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहे हैं और पीएम मोदी बिना किसी जानकारी के बोल रहे हैं.

इससे पहले सुप्रीम कोर्ट में अयोध्या मामले की सुनवाई के दौरान कपिल सिब्बल ने दलील दी थी कि इस मामले की सुनवाई को 2019 लोकसभा चुनावों तक स्थगित किया जाए. सिब्बल के इस बयान के बाद पहले इस मसले पर बीजेपी ने उन पर जमकर हमला बोला, इसके बाद कांग्रेस ने भी उनके बयान से अपना पल्ला झाड़ लिया. कांग्रेस ने सिब्बल के बयान को निजी बयान कहा और यह कहा कि वो सुप्रीम कोर्ट के फैसले को मानेगी.

सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भी सिब्बल के इस दलील से किनारा कर लिया था. सुन्नी वक्फ बोर्ड के सदस्य और बाबरी मस्जिद मामले के पक्षकार हाजी महबूब ने सिब्बल के बयान को गलत बताया. उन्होंने कहा, 'हां, कपिल सिब्बल हमारे वकील हैं लेकिन वो एक राजनीतिक पार्टी से भी जुड़े हुए हैं. मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट में उनका बयान गलत था और उन्होंने यह बयान कांग्रेस पार्टी के सदस्य के तौर पर दिया है. हम इस मामले में जल्द से जल्द समाधान चाहते हैं.'

कपिल सिब्बल के इस नए बयान से ऐसा लग रहा है कि वे फिर इस मामले में फंस सकते हैं क्योंकि सुन्नी वक्फ बोर्ड ने भले ही उनके बयान से किनारा कर लिया हो लेकिन सिब्बल को अपना वकील भी बताया है. वक्फ बोर्ड सिब्बल के बयान को बतौर कांग्रेस नेता के रूप में दिए गया बयान कह रही है, वहीं कांग्रेस इसे बतौर वक्फ बोर्ड के वकील के तौर पर दिया गया बयान बता रही है. उधर कपिल सिब्बल कह रहे हैं कि वे सुन्नी वक्फ बोर्ड के वकील नहीं हैं.


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