भ्रष्टाचार के खिलाफ 2018 के आंदोलन में कोई केजरीवाल पैदा न हो: अन्ना हजारे
अन्ना हजारे ने जन लोकपाल विधेयक बिल के फेल होने के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों को जिम्मेदार ठहराया है।


आगरा : समाजसेवी अन्ना हजारे ने कहा है कि वर्ष 2011 में भ्रष्टाचार के खिलाफ उनके आंदोलन के बाद अरविंद केजरीवाल ने जब आम आदमी पार्टी बना ली तो उन्होंने उनसे कोई वास्ता नहीं रखा। उन्होंने कहा, 'अब 2018 से एक और आंदोलन शुरू करने जा रहा हूं और उम्मीद करता हूं कि अब कोई केजरीवाल पैदा न हो।' साथ ही अन्ना हजारे ने जन लोकपाल विधेयक बिल के फेल होने के लिए कांग्रेस और बीजेपी दोनों को जिम्मेदार ठहराया है।

यहां पत्रकारों से बातचीत में अन्नाा ने कहा कि 23 मार्च 2018 से वह दिल्ली के रामलीला मैदान में तीन सूत्रीय आंदोलन की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि इसमें लोकपाल की नियुक्ति, किसानों की समस्या और चुनाव सुधार को लेकर जनता में जागरूकता पैदा करने का लक्ष्य है। उन्होंने कहा कि जनता को पूंजीपतियों की सरकार नहीं चाहिए। न मोदी और न ही राहुल, हमें ऐसी सरकार चाहिए जो किसानों के हित में काम करे। 


अन्ना ने कहा कि अब जो भी कार्यकर्ता आंदोलन के दौरान उनसे मिलेंगे, वह स्टाम्प पेपर पर लिखकर देंगे कि वह कोई पार्टी नहीं बनाएंगे। साथ ही अन्ना ने घोषणा की कि वह न तो किसी पार्टी का समर्थन करेंगे और न ही किसी पार्टी से किसी को चुनाव लड़वाएंगे। 

जीएसटी और नोटबंदी पर उन्होंने कहा कि सरकार का कहना कि बैंकों का 99 प्रतिशत पैसा जमा हो गया है तो कालाधन कहां गया। उन्होंने मोदी सरकार पर हमला करते हुए कहा कि मोदी ने कहा कि 30 दिन के अंदर कालाधन वापस देश में आएगा और हर आदमी के खाते में 15-15 लाख रुपये होंगे, लेकिन किसी के खाते में 15 रुपये भी नहीं आए। 


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