करणीसेना को झटका, बोला सुप्रीम कोर्ट - नहीं होगी किसी भी राज्य में फिल्म पद्मावत बैन
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नई दिल्ली, सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पद्मावत फिल्म पर बड़ा फैसला सुनाया. कोर्ट ने चारों राज्यों में पद्मावत के बैन पर रोक लगा दी है. वहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करते हुए करणी सेना ने कहा कि वे फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे और यह मामला राष्ट्रपति के पास ले जाएंगे.

उज्जैन में करनी सेना के संस्थापक लोकेंद्र सिंह कालवी ने कहा है कि पद्मावत फ़िल्म की रिलीज के दिन 25 तारीख को जनता का कर्फ़्यू लगेगा. किसी का फ़िल्म देखने का मन है तो मेरा मानना है कि फ़िल्म नही देखे. कल मुम्बई में चर्चा की जाएगी. फ़िल्म के प्रदर्शन पर बड़ी घोषणा की जा सकती है.


चार राज्यों में लगा था बैन
बता दें कि संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत राजस्थान, गुजरात, मध्यप्रदेश और हरियाणा सरकार ने बैन लगा दिया था. इसके विरोध में फिल्म निर्माताओं ने चीफ जस्टिस दीपक मिश्रा, जस्टिस ए.एम. खानविलकर और जस्टिस डी.वाई. चंद्रचूड़ की पीठ के सामने मामला रखा था.

रिलीज को लेकर वसुंधरा राजे ने लिखी थी स्मृति ईरानी को चिट्ठी
इससे पहले मुख्यमंत्री वसुन्धरा राजे ने सूचना एवं प्रसारण मंत्री स्मृति ईरानी को इसी फिल्म को लेकर एक पत्र भी लिखा था. इसमें आग्रह किया था कि पद्मावती फिल्म तब तक रिलीज न हो जब तक इसमें आवश्यक बदलाव नहीं कर दिए जाए, ताकि किसी भी समुदाय की भावनाओं को ठेस न पहुंचे.


किसी को परेशानी तो कोर्ट में अपील करे
सुप्रीम कोर्ट में पद्मावत निर्माताओं का पक्ष रखने वाले हरीश साल्वे ने कहा कि फिल्म पर बैन लगाकर राज्य संघीय संरचना को नुकसान पहुंचा रहे हैं. यह गंभीर मामला है. अगर किसी को परेशानी है तो वह कोर्ट में अपील कर सकता है. राज्य फिल्म के कंटेंट से छेड़छाड़ नहीं कर सकता.

रिलीज के विरोध में राजस्थान के कई शहरों मे ंहुआ प्रदर्शन
'पद्मावत' की 25 जनवरी की रिलीज के विरोध में बुधवार को राजपूत करणी सेना के सदस्यों ने चित्तौड़गढ़ के साथ उदयपुर, कोटा और भीलवाड़ा को जोड़ने वाले राजमार्ग पर प्रदर्शन किया. इस दौरान किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिए पुलिसकर्मी तैनात किए गए थे.


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