पद्मावत की रिलीज पर चित्तौड़गढ़ में 1800 महिलाएं करेंगी जौहर
संजय लीला भंसाली की फिल्म पद्मावत पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है.


संजय लीला भंसाली की फिल्म 'पद्मावत' पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है. फिल्म के विरोध में एक बार फिर राजपूत महिलाएं सामने आ गई हैं. श्रीराजपूत करणी सेना के प्रमुख महिपाल मकराना ने कहा है कि 24 जनवरी को राजपूत महिलाएं चित्तौड़गढ़ में जौहर करेंगी. अभी तक जौहर के लिए 1826 महिलाएं राजी हुई हैं. ये जौहर फिल्म के विरोध में चित्तौड़गढ़ की सर्व समाज समिति और श्रीराजपूत करणी सेना कराएगी. उधर, दूसरी ओर करणी सेना ने लोगों से सिनेमाघरों पर कफ्यू लगाने को कहा है. उन्होंने कहा कि किसी भी हाल में ये फिल्म रिलीज नहीं हो सकती. 

सुप्रीम कोर्ट में हुई सुनवाई
'पद्मावत' को सेंसर बोर्ड द्वारा दिए गए सर्टिफिकेट को गैर कानूनी बताने वाली याचिका सुप्रीम कोर्ट ने खारिज कर दी है. न्‍यूज एजेंसी के अनुसार इस याचिका को खारिज करते हुए चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया दीपक मिश्रा की अध्‍यक्षता वाली तीन जजों की बैंच ने कहा, 'अदालत, संविधान के अनुसार चलती है और हम कल ही अपने अंतरिम फैसले में यह कह चुके हैं कि राज्‍य सरकारों के पास किसी भी फिल्‍म की स्‍क्रीनिंग रोकने का अधिकार नहीं है.' यह याचिका वकील मनोहर लाल शर्मा ने दाखिल की थी. बता दें कि सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को पद्मावत फिल्म पर बड़ा फैसला सुनाया था कोर्ट ने चारों राज्यों में पद्मावत के बैन पर रोक लगा दी थी. वहीं, सुप्रीम कोर्ट के फैसले का विरोध करते हुए करणी सेना ने कहा था कि वे फिल्म को रिलीज नहीं होने देंगे और यह मामला राष्ट्रपति के पास ले जाएंगे.

चार बड़े राज्‍यों ने लगाया था बैन
पहले गुजरात, मध्‍यप्रदेश और राजस्‍थान और मंगलवार को हरियाणा द्वारा संजय लीला भंसाली की फिल्‍म 'पद्मावत' पर बैन लगाए जाने के बाद फिल्‍म के प्रोड्यूसरों ने सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाया. यही वजह है प्रोड्यूसरों ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया. जब सेंसर बोर्ड ने फिल्म को हरी झंडी दे दी है और फिल्म में बदलाव भी कर दिए गए हैं तो उसे रिलीज होने से आखिर क्यों रोका जा रहा है. इस फिल्‍म की रिलीज डेट 25 जनवरी तय की गई है. यह फिल्‍म हिंदी के साथ ही तमिल और तेलगु भाषा में भी रिलीज की जाएगी. 'पद्मावत' आईमैक्‍स थ्रीडी में रिलीज होने वाली भारत की पहली फिल्‍म होगी.


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