दावोस :  पीएम मोदी ने दुनिया को उंगलियों पर गिनाई ये तीन बड़ी चुनौतियां
प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और आत्मकेंद्रीत होने के बारे में दुनिया को आगाह किया.


दावोस : स्विट्जरलैंड के दावोस में चल रहे वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के उद्घाटन समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का भाषण कई मायनों में अहम रहा. पीएम ने अपने संबोधन के दौरान दुनिया को तीन बड़ी चुनौतियों के बारे में भी बताया. प्रधानमंत्री मोदी ने अपने भाषण में जलवायु परिवर्तन, आतंकवाद और आत्मकेंद्रीत होने के बारे में दुनिया को आगाह किया. 

पीएम ने अपने संबोधन के दौरान दुनिया के लिए जलवायु परिवर्तन को पहले खतरे के रूप में जिक्र किया. उन्होने कहा कि कहा कि जलवायु परिवर्तन तेजी से हो रहे हैं. द्वीप डूब रहे हैं. बहुत गर्मी और बहुत ठंड, बेहद बारिश और बेहद सूखा का प्रभाव दिन-ब-दिन बढ़ता जा रहा है. दावोस में जो बर्फ पड़े हैं वह 20 साल बाद हुआ है. पीएम ने कहा कि आर्कटिक की बर्फ धीरे-धीरे पिघल रही है. पीएम हमें आत्मचिंतन करने की जरूरत है. अगर हम सोचेंगे तो पाएंगे कि पर्यावरण को संतुलित रखने के लिए हमें एकजुट होने की जरूरत है. हमें मानव और प्रकृति के बीच तालमेल बिठाना होगा.

पीएम मोदी ने आतंकवाद को दूसरा बड़ा खतरा बताया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद बड़ा खतरा है, मगर उससे भी बड़ा खतरा है कि लोग आतंकवाद को भी अच्छा आतंकवाद और बुरा आंतकवाद के रूप में परिभाषित करते हैं. 

पीएम मोदी ने तीसरा खतरा विकसित देशों के आत्मकेंद्रीत होने की आदत को ठहराया. उन्होंने कहा कि विकसित देश विकासशील देश को वह टेक्नोलॉजी नहीं दे रहे हैं, जिससे कार्बन के उत्सर्जन में कमी लाई जा सके. उन्होंने कहा कि विश्व की बड़ी ताकतों के बीच सहयोग के संबंध स्थापित होने चाहिए. साथ ही उनके बीच प्रतिस्पर्धा कहीं दीवार बनकर नहीं खड़ी होनी चाहिए. पीएम मोदी ने ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संगठनों में सुधार तुरंत किया जाना चाहिए. साथ ही विश्व की आर्थिक प्रगति में और तेजी लाने की जरूरत है.

गौरतलब है कि वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम की 48वीं सालाना बैठक में राजनीति, कारोबार, कला, अकादमिक और सिविल सोसायटी से विश्व के तीन हजार से भी अधिक नेता भाग ले रहे हैं. इसमें भारत से 130 से भी अधिक लोग भाग ले रहे हैं.


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