Budget 2018 LIVE: वित्‍त मंत्री अरुण जेटली पेश कर रहे हैं बजट
आम बजट से लोगों की उम्‍मीदों को पंख लगेंगे या फिर आर्थिक मोर्चे पर सख्‍ती का सामना करना पड़ेगा?


नई दिल्‍ली : आम बजट से लोगों की उम्‍मीदों को पंख लगेंगे या फिर आर्थिक मोर्चे पर सख्‍ती का सामना करना पड़ेगा? वर्ष 2019 में होने वाले आम चुनाव के मद्देनजर क्‍या अरुण जेटली मध्‍यम वर्ग के लोगों को लुभाने के लिए टैक्‍स में छूट देने की कोशिश करेंगे? किसानों की आय दूनी करने के लिए क्‍या अरुण जेटली अपने बजट में कुछ प्रावधान करेंगे? रोजगार के मुद्दे पर विपक्ष की आलोचना झेल रहे पीएम मोदी क्‍या अरुण जेटली से कुछ ठोस उपाय करने को कहेंगे? ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा पर क्‍या ठोस कदम उठाएंगे? बस कुछ ही देर में अरुण जेटली की पोटली से इन सवालों का जवाब मिलने वाला है. पीएम मोदी अपने भाषण में अक्‍सर न्‍यू इंडिया का जिक्र करते रहे हैं तो यह भी उम्‍मीद की जा रही है कि यह बजट न्‍यू इंडिया का बजट होगा.

बजट पेश होने से पहले वित्त राज्‍य में शिवप्रताप शुक्‍ला ने कहा कि यह बजट आम नागरिकों की उम्‍मीदों पर खरा उतरेगा.


इस बीच बजट की प्रतियां संसद भवन पहुंच चुकी हैं. वहीं वित्त मंत्री भी घर से निकल कर संसद भवन पहुंच चुके हैं. इससे पहले परंपरा के अनुसार जेटली राष्‍ट्रपति रामनाथ कोविंद से मुलाकात करने पहुंचे.

इससे पहले सोमवार को सदन में पेश किए गए आर्थिक सर्वेक्षण में कहा गया है कि भारत की अर्थव्यवस्था अब ठीक हो रही है और साल 2018-19 में देश की विकास दर यानी जीडीपी 7-7.5 फीसदी तक होने का अनुमान लगाया गया है. लेकिन कच्चे तेल की बढ़ची कीमत सरकार के लिए परेशानी की वजह बन सकती है. वहीं इस बार के बजट के बारे में चर्चा करते हुए वित्त मंत्री अरुण जेटली ने कहा कि इस बार के बजट में कृषि क्षेत्र के लिए पहली प्राथमिकता में होगा.

बजट में अरुण जेटली का नौकरी, कृषि, टैक्‍स में छूट और रेलवे सुरक्षा पर फोकस हो सकता है. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पहले ही सख्‍त बजट का संकेत दे चुके हैं. हालांकि मध्‍यवर्ग आयकर में छूट की आस लगाए बैठा है.

सरकारी सूत्रों के मुताबिक इस बजट में किसानों की बदहाली और ग्रामीण इलाकों के बुनियादी ढांचा में सुधार के अलावा रोज़गार के नए अवसर पैदा करने पर जोर रहेगा. सरकार 2018-19 में देश के सारे गांवों को सड़कों से जोड़ने का लक्ष्य पूरा करना चाहती है. फिलहाल ताजा आंकड़ों के मुताबिक प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना के तहत करीब 82 फीसदी गांवों को सड़कों से जोड़ा जा चुका है और 2019 तक देश के सारे गांवों को सड़कों से जोड़ने की तैयारी पूरी कर ली गई है. इसके लिए बजट में अलग से फंड दिए जा सकते हैं.

Budget 2018 : क्या इस बार मिलेगी कम किराए की सौगात?
साल 2019 में होने वाले आम चुनाव से पहले मोदी सरकार द्वारा गुरुवार को पेश किए जाने वाले अंतिम पूर्ण बजट में रेलवे के लिए सुरक्षा चिंताओं के समाधान, यात्री सुविधाओं में बढ़ोतरी और अवसंरचना में बड़ा निवेश पर जोर दिए जाने की उम्मीद है. गौरतलब है कि मोदी सरकार ने अलग से रेल बजट पेश करने बंद कर दिया है. अब रेल बजट को आम बजट के साथ ही पेश किया जाता है. मोदी सरकार के आने के बाद से रेलवे को घाटे से उबारने के लिए कई कदम उठाए गए हैं. इसके लिए नई ट्रेनों को चलाने की घोषणा भी बहुत कम की गई है. ये बजट सरकार का आखिरी पूर्णकालिक बजट होगा इसलिए कुछ उम्मीदें जरूर जुड़ी हैं.

बजट पेश होने से पहले बढ़त के साथ खुला शेयर बाजार
वित्त मंत्री अरुण जेटली गुरुवार को वर्ष 2018-19 का आम बजट पेश करने वाले हैं. बजट घोषणा से पहले गुरुवार को देश के शेयर बाजारों में सकारात्मक रुख नजर आया और बाजार हरे निशान में खुले. प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स सुबह 9.45 बजे 111.86 160.67 अंकों की मजबूती के साथ 36,125.69 पर और निफ्टी भी लगभग इसी समय 33.50 अंकों की बढ़त के साथ 11,061.20 पर कारोबार करते देखे गए. बम्बई स्टॉक एक्सचेंज (बीएसई) का 30 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक सेंसेक्स सुबह 83.97 अंकों की बढ़त के साथ 36048.99 पर, जबकि नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का 50 शेयरों पर आधारित संवेदी सूचकांक निफ्टी 16.85 अंकों की मजबूती के साथ 11,044.55 पर खुला.

मनरेगा के तहत 2 लाख 36 हज़ार किमी पक्की सड़कें बनाने का लक्ष्य रखा गया है, जो 2017-18 के 2 लाख 12 हज़ार किलोमीटर से 10% ज़्यादा है. यानी बजट में मनरेगा के लिए अलग से फंड आवंटित किया जा सकता है. उद्योग जगत चाहता है कि वित्त मंत्री अरुण जेटली ग्रामीण भारत में निजी निवेश के नए रास्ते खोलने के लिए प्रोत्साहन राशि का एलान करें जिससे ग्रामीण इलाकों में डिमांड बढ़े.


अधिक देश की खबरें