पाकिस्तानी मीडिया ने भी माना भारतीय सेना घुसी थी पीओके में
पाकिस्तान मीडिया में इन दिनों सर्जिकल स्ट्राइक छाया हुआ है। वहां का मीडिया इस बात पर संदेह तो जता रहा है कि भारत की कार्रवाई को सर्जिकल स्ट्राइक माना जाए या महज घुसपैठ। लेकिन उसे भी यकीन है कि भारतीय सेना ने उनके इलाके में घुसकर कार्रवाई की


इस्लामाबाद:- पाकिस्तान मीडिया में इन दिनों सर्जिकल स्ट्राइक छाया हुआ है। वहां का मीडिया इस बात पर संदेह तो जता रहा है कि भारत की कार्रवाई को सर्जिकल स्ट्राइक माना जाए या महज घुसपैठ। लेकिन उसे भी यकीन है कि भारतीय सेना ने उनके इलाके में घुसकर कार्रवाई की। विश्लेषकों को लगना लगा है कि नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली भारतीय सरकार ने दरअसल ‘रूल ऑफ गेम’ बदल डाले हैं और पाकिस्तान इन सबके बीच बेबस दिखने लगा है।समाचारपत्र डॉन में बुधवार को छपे संपादकीय लेख में जाने-माने लेखक और पत्रकार जाहिद हुसैन कहते हैं कि सर्जिकल स्ट्राइक पर अपने दावे को साबित करने के लिए भारत ने अब तक कोई ठोस सबूत नहीं दिए हैं। 

चंद टीवी चैनलों पर ऑपरेशन के कुछ अस्पष्ट से फुटेज जरूर चलाए जा रहे हैं। मौजूदा हालात में यह कहना मुश्किल है कि भारत ने जो कुछ भी किया, वह महज घुसपैठ थी या फिर सर्जिकल स्ट्राइक। 

 लेकिन इसमामले में भारत का दावा जितना तथ्यविहीन है, उतना ही पाकिस्तान का खंडन भी। मौजूदा हालात में जाहिर तौर पर कुछ सवाल खड़े होते हैं, जिनका जवाब मामले की तह तक पहुंचने के लिए जरूरी है। जैसे, अगर भारतीय सेना ने सीमा पार नहीं की तो पाकिस्तान ने उनका सैनिक कैसे पकड़ लिया। उस सैनिक के पकड़े जाने की बात भी सबसे पहले भारत के एक मंत्री ने मानी। यूं तो पाकिस्तान के सैन्य प्रवक्ता हर छोटी-छोटी बात में बयान देते रहते हैं, लेकिन हमने भारत के एक सैनिक को अपने इलाके में पकड़ लिया, इसपर उन्होंने जुबान पर ताला क्यों लगा लिया?भारत की ओर से इस बात की जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई कि उन्होंने किन-किन जगहों को निशाना बनाया, क्या नुकसान पहुंचाया और कितने लोग मारे गए। लेकिन यह तो तय है कि उन्होंने सीमा रेखा लांघी और कुछ-न-कुछ कार्रवाई जरूर की। क्या की, कहां की और हमारी सीमा के अंदर कितनी दूर तक आए, इसपर सवाल हो सकता है।

जाहिद हुसैन ने अपने लेख में इस बात का जिक्र किया है कि दोनों ओर से सीमा रेखा या नियंत्रण रेखा को पारकर कार्रवाई करना होता रहा है। यह कोई नई बात नहीं है. लेकिन कोई भी पक्ष इसे खुले तौर पर स्वीकार नहीं करता था। इस बार के हालात एकदम अलग हैं। भारत की मोदी सरकार ने खुलेआम ऐसा करने की घोषणा कर दी। दरअसल, मोदी सरकार ने ‘रूल ऑफ गेम’ ही बदल डाला है। उन्होंने आक्रामक कूटनीति का सहारा लिया और पाकिस्तान में सर्जिकल स्ट्राइक करने की बात मानते हुए अंतरराष्ट्रीय जगत से अपनी कार्रवाई के प्रति समर्थन भी पा लिया। दुनिया में भारत के बढ़ते कद ने मोदी सरकार को पाकिस्तान के प्रति कड़ा रुख अख्तियार करने की ताकत दी है।


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