घोटाले के बाद फिच ने घटाई PNB की रेटिंग, गहराया संकट
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मुंबई, घोटाला सामने आने के बाद से पंजाब नेशनल बैंक का संकट गहराता जा रहा है. एक तो पहले ही उसे 11400 करोड़ रुपए का चूना लग चुका है. अब रेटिंग एजेंसी फिच ने उसे ‘रेटिंग वाच नेगेटिव (आरडब्‍ल्‍यूएन)’ में डाल दिया है. इसका मतलब है कि घोटाले के बाद बैंक की रेटिंग को घटाया जा सकता है. इससे बैंक की साख कमजोर होगी, जिससे फंड जुटाने की उसकी योग्‍यता प्रभावित होगी.

फिच ने इस संबंध में बयान जारी किया है. इसमें कहा गया है कि पंजाब नेशनल बैंक की वायबिलिटी रेटिंग ‘बीबी’ को रेटिंग वाच नेगेटिव जोन में रखा गया है. पीनएनबी में बड़ा फ्रॉड सामने आने के बाद रेटिंग एजेंसी ने यह सख्‍ती बरती है.

वायबिलिटी रेटिंग का क्‍या है मतलब
वायबिलिटी रेटिंग से फाइनेंशियल इंस्‍टीट्यूशन की साख मापी जाती है. यह रेटिंग दिखाती है कि किसी संस्‍थान के असफल होने की कितनी संभावना है. इससे फंड उगाहने की क्षमता का भी पता चलता है.  रेटिंग वाच नेगेटिव का मतलब है कि पीएनबी की वायबिलिटी रेटिंग भी कम हो सकती है.

माली हालत पर नजर
फिच ने कहा है कि पीएनबी की वित्‍तीय स्थिति और बैंक के सिस्‍टम को लेकर स्थिति साफ होने के बाद वह इसकी रेटिंग पर फिर विचार होगा. फिच के अनुसार, फ्रॉड से बैंक की साख को झटका लगा है और कैपिटल मार्केट पर नकारात्‍मक असर हुआ है.

योग्‍यता की स्‍टडी
फिच के अनुसार, पीएनबी की पूरी लायबिलिटी, संभावित रिकवरी और आंतरिक ओर बाहरी स्रोतों से नई पूंजी जुटाने की बैंक की योग्‍यता की स्‍टडी होगी.

12 फीसदी बढ़ा एनपीए
2017-18 के अप्रैल-दिसंबर के दौरान पीएनबी का एनपीए 12.1 फीसदी बढ़ा है. उसकी कमाई लगातार खराब है, लेकिन वर्तमान वित्‍त वर्ष की तीसरी तिमाही में उसने कैपिटल मार्केट से 5000 करोड़ की रकम जुटाई. इस साल मार्च के आखिर तक सरकार भी उसे 5400 करोड़ रुपए दे सकती है.


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