INX मीडिया केस में कार्ति चिदंबरम को CBI ने किया गिरफ्तार
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पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम को INX मीडिया केस में सीबीआई ने गिरफ्तार कर लिया गया है. मिली जानकारी के मुताबिक उन्हें सुबह 8 बजे गिरफ्तार किया गया है.

सूत्रों के मुताबिक कार्ति चिदंबरम इस मामले मे सीबीआई से कॉ-ऑपरेट नहीं कर रहे थे व पूछताछ के मामले में मिलने में आनाकानी कर रहे  थे. पी चिदंबरम फिलहाल लंदन में हैं और बेटे की गिरफ्तारी की  खबर मिलते ही वो वहां से भारत लौट रहे हैं.

सीबीआई ने कहा कि कार्ति चिदंबरम ने INX मीडिया से 10 लाख रुपये की रिश्वत ली. दरअसल सीबीआई का आरोप है कि कार्ति चिदंबरम ने INX मीडिया के खिलाफ चल रहे टैक्स की जांच के मामले में अपने पावर का प्रयोग करके जांच को प्रभावित करने की कोशिश की. INX मीडिया के खिलाफ फॉरेन इन्वेस्टमेंट प्रमोशन बोर्ड (एफआईपीबी) के उल्लंघन के मामले में जांच चल रही थी.

कौन हैं कार्ति चिदंबरम?
तमिलनाडु के शिवगंगा में 16 नवंबर 1971 को जन्‍मे कार्ति कांग्रेस नेता और बिज़नेसमैन हैं. यूनिवर्सिटी ऑफ टैक्‍सास और कैंब्रिज से उन्‍होंने बैचलर ऑफ बिजनेस एडमिनिस्‍ट्रेशन और लॉ की पढ़ाई की है.

वह तमिलनाडु टेनिस एसोसिएशन के वाइस प्रेसीडेंट रहे हैं. भरतनाट्यम नृत्‍यांगना श्रीनिधि रंगराजन से उनकी शादी हुई है. जो इस वक्‍त चेन्‍नई के अपोलो हॉस्‍पिटल में काम करती हैं.

क्या है पूरा मामला?
15 मार्च 2007 को INX मीडिया ने एफआईपीबी की स्वीकृति के लिए वित्त मंत्रालय के सामने आवेदन किया, जिसमें एफआईपीबी ने 18 मई 2017 को इसके लिए सिफारिश की. लेकिन बोर्ड ने INX मीडिया द्वारा INX न्यूज़ में अप्रत्यक्ष रूप से निवेश की अनुमति नहीं दी. यहां तक कि INX मीडिया के लिए भी एफआईपीबी ने सिर्फ 4.62 करोड़ रुपये से ज़्यादा के FDI निवेश की अनुमति नहीं दी.

सीबीआई के अनुसार INX मीडिया ने नियमों को नज़रअंदाज़ किया और जानबूझकर INX न्यूज़ में 26 प्रतिशत के लगभग निवेश किया.

यही नहीं उन्होंने 800 रुपये प्रति शेयर के हिसाब से अपने शेयर को जारी करके INX मीडिया के लिए 305 करोड़ की एफडीआई जुटाई जबकि उन्हें सिर्फ 4.62 करोड़ रुपये एफडीआई की ही अनुमति थी.
सीबीआई ने कहा कि कार्ति चिदंबरम के कारण एफआईपीबी से जुड़े अधिकारियों ने न सिर्फ इन चीज़ों की अनदेखी की बल्कि INX मीडिया की सहायता भी की. अधिकारियों ने राजस्व विभाग द्वारा इस मामले के जांच के मांग की भी अऩदेखी की.

क्या कहती है एफआईआर की कॉपी?
सीबीआई के अनुसार INX मीडिया ने तत्कालीन वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के बेटे कार्ति चिदंबरम के प्रभाव का प्रयोग करके मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की. एफआईआर में बताया गया है कि चेस मैनेजमेंट सर्विसेज़ के माध्यम से INX मीडिया ने कार्ति चिदंबरम को उनके द्वारा फायदा पहुंचाने के लिए भुगतान किया. उस समय कार्ति चिदंबरम चेस मैनेजमेंट सर्विसेज़ के प्रमोटर थे.

एफआईआर में कहा गया है कि भुगतान चेस मैनेजमेंट सर्विसेज़ के माध्यम से इसलिए किया गया ताकि कार्ति चिदंबरम का नाम छिपाया जा सके. सीबीआई ने ये भी कहा कि वित्त मंत्रालय द्वारा इस तरह की डील को स्वीकृति दे दी गई, इस वजह से पी. चिदंबरम पर भी संदेह जाता है. हालांकि कार्ति चिदंबरम इस केस को हमेशा यह कहकर गलत करार देते आए हैं कि ये सब राजनीतिक बदले की भावना से किया जा रहा है.


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