सरकार ने कहा- सोने के आयात में छूट के जिम्मेदार के खिलाफ होगा ऐक्शन
2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान कंपनियों को यह छूट दी गई थी और इससे उन्हें केवल 6 महीने में 4,500 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ हुआ।


नई दिल्ली : पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम के खिलाफ भी सरकार शिकंजा कसने में जुट गई है। सोमवार को सरकार ने कहा कि प्राइवेट ट्रेडिंग कंपनियों के लिए सोने के आयात में छूट देने के लिए जिम्मेदार शख्स पर कार्रवाई की जाएगी। 2014 में लोकसभा चुनाव के दौरान कंपनियों को यह छूट दी गई थी और इससे उन्हें केवल 6 महीने में 4,500 करोड़ रुपये का अनुचित लाभ हुआ। 

12,700 करोड़ के पीएनबी घोटाले पर कांग्रेस पार्टी के आक्रामक रुख के बाद बीजेपी ने पिछले महीने चिदंबरम पर अरबपति जूलर मेहुल चौकसी और नीरव मोदी की मदद का आरोप लगाया था। कहा गया कि 80:20 सोना आयात योजना के जरिए सबसे बड़े बैंक फ्रॉड के मुख्य आरोपियों को फायदा पहुंचाया गया। 

किसी जूलर का नाम लिए बिना सरकार ने एक बयान में कहा कि इसने सत्ता में आने के कुछ महीनों बाद ही इस योजना को खत्म करने के लिए साहसी कदम उठाया। बयान में यह भी कहा गया है कि इस देश में सोने के आयात में वृद्धि हुई और इस वजह से वित्त वर्ष 2012-13 के करंट अकाउंट डेफिसिट पर दबाव बढ़ा। 

चिदंबरम के फैसले को लेकर कहा गया है, 'तत्कालीन वित्त मंत्री ने आचार संहिता लागू होने और 16 मई 2014 को परिणाम घोषित होने से ठीक पहले 13 मई 2014 को मोडिफाइड स्कीम को मंजूरी दी।' आगे कहा गया, 'प्राइवेट कंपनियों को इस छूट की वजह से अनुचित लाभ का मौका मिला। 

पूर्व वित्त मंत्री पी. चिदंबरम पर कार्रवाई का संकेत देते हुए कहा है, 'सरकार निश्चित ही परिस्थितियों की जांच करेगी कि प्राइवेट कंपनियों 80:20 स्कीम के तहत सोने के आयात का छूट देकर क्यों फायदा पहुंचाया गया। सरकार इसमें शामिल लोगों के खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।' 


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