‘खून की दलाली’ वाला बयान : यूपी में कांग्रेस को पड़ सकता है भारी
2014 के लोकसभा चुनावों में मोदी लहर चलने के बाद पूरे देश में कांग्रेस की छवी फीकी पढ़ गयी थी।


नई दिल्ली : 60 साल तक देश की सत्ता में राज करने वाली कांग्रेस पार्टी आज हर किसी दल के निशाने पर है। इसकी वजह राहुल गांधी का वो बयान है जिसमें उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शहीदों के खून की दलाली करने का भद्दा आरोप लगाया था। अगर राजनीतिक विशेषज्ञयों की माने तो राहुल का यह बयान उन्हें यूपी और पंजाब के चुनावों में मुंह के बल गिरा सकता है। 2014 के लोकसभा चुनावों में मोदी लहर चलने के बाद पूरे देश में कांग्रेस की छवी फीकी पढ़ गयी थी। इसी छवी को सुधारने के लिए अब कांग्रेस शहर-शहर गली-गली जाकर लोगों को अपनी ओर आकर्षित करने में लगी है। इसी सिलसिले में पिछले कई दिनों सेे राहुल गांधी यूपी यात्रा पर थे। मगर यात्रा के अंतिम दिन उन्होंने जो बयान दिया उसके बाद उनकी इस यात्रा पर मानों पानी फिर गया हो।

राहुल गांधी के इस बयान के बाद भाजपा अध्यक्ष अमित शाह ने भी उनकी निंदा की। यही नहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी राहुल के इस बयान की निंदा करते हुए अपने आप को इस विवाद से बाहर निकालने की कोशिश की। राहुल के इस बयान के बाद हर कोई कांग्रेस की यूपी पंजाब चुनावों में हार की बतें इसलिए कर रहा है क्योंकि वर्ष 2007 में कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने भी मोदी के खिलाफ गुजरात में कुछ ऐसा ही बयान दिया था जिसके बाद उन्हें गुजरात विधानसभा में करारी शिख्सत मिली थी।वर्ष 2007 के गुजरात विधानसभा चुनावों में कांग्रेस और बीजेपी की कांटे की टक्कर थी मगर चुनाव होने से ठीक पहले सोनिया गांधी ने मोदी को मौत का सौदागर कहा था। सोनिया के इस बयान का फायदा भाजपा ने बखूबी उठाया और गुजरात चुनावों में अपना झंड़ा लहराया। अब देखना यह होगी कि राहुल के इस बयान के बाद कांग्रेस का क्या हाल होता है।


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