राज्यसभा चुनाव: निषाद पार्टी के विजय मिश्रा ने बिगाड़ा माया-अखिलेश का गणित
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लखनऊ, उत्तर प्रदेश में 10 सीटों के लिए हो रहे राज्यसभा चुनाव के लिए सभी पार्टियों ने अपनी रणनीति बनानी शुरू कर दी है. इसमें 8 सीटें बीजेपी और 1 सीट समाजवादी पार्टी आसानी से जीत रही है. मुकाबला 10वीं सीट को लेकर है. इस सीट के लिए बीजेपी ने अनिल अग्रवाल को मैदान में उतारा है, उन्हें बसपा के भीमराव आम्बेडकर से चुनौती मिल रही है. इस बीच निर्बल इंडियन शोषित हमारा आम दल यानी निषाद पार्टी के इकलौते विधायक विजय मिश्रा ने चुनाव में बीजेपी को समर्थन देने का ऐलान कर दिया है.

इसी नि​षाद पार्टी के साथ मिलकर अखिलेश यादव ने योगी के गढ़ में लोकसभा उपचुनाव में सपा को जीत तक पहुंचाया था. विजय मिश्रा ने ट्वीट कर ऐलान किया है देशहित और प्रदेश के हित के लिए वह राज्यसभा के चुनाव में भाजपा को वोट देंगे.

ऐसी स्थिति में सपा ने तेजी से निर्दलीय विधायकों को जोड़ने की कवायद शुरू कर दी है. इसी क्रम में बुधवार को अखिलेश यादव के नेतृत्व में ताज होटल में एक बड़े भोज का आयोजन किया गया है. इसमें मुलायम सिंह यादव के साथ शिवपाल सिंह यादव और निर्दलीय विधायकों के भी शामिल होने की उम्मीद है. सपा विधायक राकेश प्रताप सिंह कहते हैं कि इस भोजन के लिए उन्होंने खुद निर्दलीय विधायक रघुराज प्रताप सिंह राजा भैया को निमंत्रण दिया है.

वैसे विधाानसभा में सीटों की गणित पर गौर करें तो 8 सीट जीतने के बाद बीजेपी के पास 15 सीटें बचती हैं. वहीं उसके सहयोगी दल अपना दल सोनेलाल के पास 9 और सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के 4 विधायक हैं. ऐसे में बीजेपी के पास जीत हासिल करने के लिए 9 विधायक कम पड़ रहे हैं. इस स्थिति में उसे निर्दलीय 3 विधायकों के साथ ही विरोधी दलों पर भी सेंधमारी करनी पड़ेगी.

उधर बसपा के पास 19 विधायक हैं. उसे सपा और कांग्रेस का समर्थन प्राप्त है. लिहाजा सपा के एक सीट जीतने के बाद 10 विधायक बचते हैं, जबकि कांग्रेस के पास 7 विधायक रह जाते हैं. जीत हासिल करने के लिए उसे 1 विधायक की जरूरत है, जो निषाद पार्टी के विजय मिश्रा पूरी कर सकते हैं. लेकिन विजय मिश्रा ऐलान के बाद संकट खड़ा हो गया है. दरअसल विधानसभा में विजय मिश्रा ही निषाद पार्टी के अकेले विधायक हैं. लिहाजा अगर वे क्रॉस वोटिंग करते हैं तो भी उन पर दल बदल कानून नहीं लगता.

उधर कांग्रेस ने पार्टी विधायकों के लिए व्हिप जारी कर दिया है. कांग्रेस पार्टी ने अपने सभी विधायकों, एमएलसी के लिए व्हिप जारी किया है. निर्देश दिए गए हैं कि 21, 22 और 23 तारीख को सभी विधायक लखनऊ में रहें. वहीं कांग्रेस विधानमंडल दल के नेता अजय कुमार लल्लू ने बुधवार को अपने सभी विधायकों को भोजन पर बुलाया है. भोजन को लेकर अजय कुमार लल्लू ने कहा कि ये एक सामान्य प्रक्रिया है. सभी पार्टियां आमतौर पर ऐसा करती हैं.

उधर बसपा ने अपने विधायकों की 22 मार्च को बैठक बुलाई है. पार्टी के प्रदेश कार्यालय पर ये बैठक होगी, जिसमें सभी प्रमुख नेताओं के साथ विधायक, एमएलसी उपस्थित रहेंगे. विपक्ष की रणनीति पर कैबिनेट मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह कहते हैं कि जितना भोजन करना है कर लें क्योंकि 2019 में भारतीय जनता पार्टी इनके पसीने छुड़ाने वाली है.


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