दलित मसलों को लेकर सामूहिक उपवास पर बैठे राहुल
राहुल के साथ मंच पर अशोक गहलोत, शीला दीक्षित, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन, संजय सिंह समेत तमाम आला नेता मंच पर दिखे।


नई दिल्ली : देश में बिगड़ते सांप्रदायिक सौहार्द्र और दलितों के खिलाफ हो रहे अत्याचार के मुद्दे पर कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी का राजघाट पर उपवास शुरू हो गया। राहुल तकरीबन एक बजे महात्मा गांधी की समाधि स्थल राजघाट पहुंचे जहां कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। 

राहुल ने उपवास के लिए मंच पर बैठने से पहले महात्मा गांधी की समाधि पर जाकर पुष्पांजलि अर्पित की और उसके बाद उन्होंने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं का अभिवादन स्वीकार किया। राहुल के साथ मंच पर अशोक गहलोत, शीला दीक्षित, दिल्ली प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय माकन, संजय सिंह समेत तमाम आला नेता मंच पर दिखे। 
उल्लेखनीय है कि कांग्रेस ने देश भर में सामूहिक उपवास का ऐलान किया है। इसके तहत राहुल ने राजघाट पर उपवास शुरु किया। उनके साथ कांग्रेस के तमाम आला नेता उपवास पर बैठे हैं। 

दलितों पर हिंसा की घटनाओं के विरोध में राहुल गांधी के उपवास पर राजनीति तेज हो गई है। एक तरफ राहुल गांधी राजघाट में उपवास पर बैठे हैं तो दूसरी तरफ बीजेपी ने उन पर तीखा हमला बोला है। बीजेपी प्रवक्ता संबित पात्रा ने कहा कि राहुल गांधी फास्ट नहीं कर रहे बल्कि समाज को बांटकर फास्ट ट्रैक राजनीति करना चाहते हैं। कांग्रेस को दलित विरोधी करार देते हुए उन्होंने कहा, 'दलितों के नाम पर उपवास का नाटक करने वाली कांग्रेस ने अपने शासनकाल में बाबासाहेब आंबेडकर को भारत रत्न नहीं दिया। यह काम 1989 में बीजेपी के समर्थन वाली सरकार ने किया था। उन्होंने कहा कि यहां तक कि कांग्रेस को संसद परिसर में आंबेडकर का एक चित्र तक लगाने में आपत्ति थी।'

पात्रा ने कहा, 'कांग्रेस फास्ट ट्रैक राजनीति के लिए समाज को बांटने में जुटी है। गुजरात में पाटीदारों को भड़काने का काम किया और हरियाणा में निर्दोष जाटों को हिंसा की आग में झोंक दिया। इसी तरह मंदसौर में किसानों को हिंसा के लिए उकसाया।' इससे पहले उपवास स्थल पर सिख दंगों के आरोपी जगदीश टाइटलर और सज्जन कुमार के पहुंचने पर विवाद खड़ा हो गया।


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