उन्नाव रेप केस मामले में BJP विधायक का ऑडियो वायरल, पीड़ित परिवार पर केस रफ़ा-दफ़ा करने का डाल रहे दबाव
उन्नाव रेप केस मामले में BJP विधायक का ऑडियो वायरल, पीड़ित परिवार पर केस रफ़ा-दफ़ा करने का डाल रहे दबाव
उन्‍नाव रेप केस में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें विधायक कथित तौर पर पीड़िता के परिवार को धमकाते हुए सुने जा रहे हैं.


लखनऊ : उन्‍नाव रेप केस में आरोपी विधायक कुलदीप सिंह सेंगर का एक ऑडियो सामने आया है, जिसमें विधायक कथित तौर पर पीड़िता के परिवार को धमकाते हुए सुने जा रहे हैं. परिवार पर केस रफ़ा-दफ़ा करने का दबाव डाला जा रहा है. वहीं एक ऐसा वीडियो सामने आया है, जिसमें अस्पताल में दाखिल पीड़िता के घायल पिता का अंगूठा पुलिस तमाम काग़ज़ों पर लगवा रही है. बुरी तरह ज़ख़्मी वो शख्स बेसुध पड़ा है और एक के बाद एक अंगूठे की छाप कागज़ों पर ली जा रही है. हालांकि प्रशासन इसे नियमानुसार बता रहा है.

ऑडियो में है ये बातचीत-
पीड़िता के चाचा : नमस्ते
विधायक : हां बताओ
पीड़िता के चाचा:क्या करवा रहे हो नेताजी?
विधायक :कहां भैया
पीड़िता के चाचा : गांव में क्या करवा रहे हो, ये तो ठीक काम नहीं है मरवाना-पिटवाना बच्चों को, पप्पू को सबको। ये अच्छी बात नहीं है.
विधायक : अच्छा तुम हमें वो दे रहे हो बेटा
पीड़िता के चाचा : दे नहीं रहे हैं, आपकी सेवा की है इसलिए बता रहे हैं
विधायक : हमारी सेवा की तो तुमको हमारी सेवा में रहना चाहिए, हमारे ख़िलाफ़ एप्लीकेशन क्यों देते हो?
पीड़िता के चाचा : अमीन आपके ख़िलाफ़ कुछ नहीं कर रहा था
विधायक : हमारे ख़िलाफ़ पर्चा क्यों छपवाते हो?
पीड़िता के चाचा : मैंने नहीं छपवाया
विधायक : किसने छपवाया?
पीड़िता के चाचा : अभी आप पता करो, हमने नहीं छपवाया
विधायक : अच्छा, तुम बताओगे, हम किससे पता करें?
पीड़िता के चाचा : मेरे व्हाट्स ऐप पर आया, व्हाट्स ऐप से आगे फ़ॉरवर्ड किया इतना गुनहगार हूं. मैंने कुछ नहीं किया. मेरी एक औलाद है, कहां खड़ा होना है बताओ?
विधायक : अब ये बताओ तू मेरा छोटा भाई है?
पीड़िता के चाचा : हां हूं.
विधायक : छोटे भाई को बड़े भाई के ख़िलाफ़ पर्चा छपवाना चाहिए?
पीड़िता के चाचा : ना, मैंने नहीं छपवाया, मैं कह रहा हूं मैं किसी तरीके से किसी चीज़ में इनवॉल्व नहीं हूं. 
विधायक : सुनो सुनो तुम नहीं हो तो तुम हमारे पास आओ। ये लोग खेल रहे हैं ना, भोजाई को बुला लेते हैं तुम्हारे दस्तखत 
करवा लेते हैं, इनको सबको मना करो, परिवार के किसी भी सदस्य से कह दो.
पीड़िता के चाचा : नहीं मेरी..से बात हुई थी..टिंकू का फ़ोन आया था, कोई बात नहीं मेरे पर जो फ़र्ज़ी मुकदमे लिखाए गए, जब आपने मुकदमा मेरे पर लिखवाया. दद्दू मेरी बात सुनो, बहुत सेवा आपकी की है. बहुत इज्ज़त की मैंने आपकी और बड़ी सेवा की.
विधायक : अब इज़्ज़त हमारी नहीं करोगे?
पीड़िता के चाचा : अब भी करता हूं. नंगे-भूखे रहकर आपकी सेवा की, हर तरीके से, जहां आपने खड़ा किया. दद्दू मेरी बात सुन लो, जहां आपने खड़ा किया खड़ा रहा नंगे पैर. 
विधायक : एक मिनट मेरी बात सुनो. लोग चाहते हैं कि ये लोग मर जाएं. लड़ाई में सबका नुकसान होता है. मेरी तुम्हारा सबका. 
पीड़िता के चाचा : जी
विधायक : तुम हमारे छोटे भाई हो, तुम आगे बढ़ो. यही हमने तुमसे कही थी ना और आप हमारे पास आए और घर में सब सदस्यों से कह दीजिए जो हुआ वो ख़त्म. तुम हमारे पास आए, हम तुम मिलकर नया अध्याय शुरू करते हैं. 
पीड़िता के चाचा : जी
विधायक : अब हमारी तुम्हारी बात में बीच वाला कोई नहीं रहेगा.
पीड़िता के चाचा : हमने.......(बीप) से कहा, तुमको क्या ज़रूरत थी मारने-पीटने की?
विधायक :.......(बीप) तुम्हारे ज़्यादा सगे हैं या कोई दूसरा ज़्यादा सगा है. .......(बीप) सगे हैं तो बात ख़त्म हो गई. .......(बीप) अपने काम की मेरे सामने गलती मांनेंगे, 
.......(बीप)  अपने काम की हमारे सामने गलती मानेंगे और हमारे तुम्हारे परिवार एक होकर के रहेंगे बस बात ख़त्म हो गई. 
पीड़िता के चाचा : ठीक है
विधायक : और सबसे कह दो चुपचाप बैठें। दद्दू से मिलें, अम्मा कल मिलेंगी, हम अम्मा को बैठाकर चाय पिलाएंगे। 
पीड़िता के चाचा : जी ठीक है
विधायक : सबको रोको, सबको मना करो. 
पीड़िता के चाचा : ठीक है
विधायक : ठीक है


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