72% लोग चाहते हैं कि नरेंद्र मोदी फिर बनें पीएम
प्रधानमंत्री के तौर पर आज चार वर्ष पूरा कर रहे नरेंद्र मोदी पर लोगों का भरोसा कायम है।


नई दिल्ली : प्रधानमंत्री के तौर पर आज चार वर्ष पूरा कर रहे नरेंद्र मोदी पर लोगों का भरोसा कायम है। टाइम्स मेगा ऑनलाइन पोल के नतीजों ने भी इस पर मुहर लगा दी है। नरेंद्र मोदी अभी भी देश के सबसे ज्यादा लोकप्रिय नेता बने हुए हैं। पोल मे शामिल 8,44, 646 लोगों में से दो-तिहाई से ज्यादा लोगों (71.9%) का कहना है कि वे एक बार फिर नरेंद्र मोदी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट डालेंगे, वहीं 73.3% लोगों का मानना है कि आज आम चुनाव हुए तो केंद्र में एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में सरकार बनेगी। 

प्रधानमंत्री पद के लिए जहां नरेंद्र मोदी पोल में काफी आगे रहे, वहीं 16.1% लोगों का कहना था कि वे मोदी या राहुल गांधी के अलावा किसी और को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट डालेंगे। 11.93% लोगों ने कहा कि वे राहुल गांधी को प्रधानमंत्री बनाने के लिए वोट करेंगे। यह पोल टाइम्स ग्रुप की नौ भाषाओं की 9 साइटों पर 23-25 मई के बीच चलाया गया था। 

मोदी सरकार का कामकाज अच्छा 
मोदी सरकार के अबतक के कामकाज से जुड़े सवाल के जवाब में करीब 2 तिहाई लोगों ने कहा कि सरकार बहुत अच्छा या अच्छा कर रही है। 47.4 प्रतिशत पाठकों ने कहा कि मोदी सरकार बहुत अच्छा काम कर रही है। 20.6 प्रतिशत लोगों ने सरकार के कामकाज को अच्छा बताया। 11.38 प्रतिशत लोगों ने सरकार के कामकाज को औसत तो 20.55 प्रतिशत लोगों ने खराब बताया।

GST लागू करना सबसे बड़ा फैसला 
सर्वे में लोगों से मोदी सरकार की सबसे बड़ी कामयाबी के साथ-साथ सबसे बड़ी नाकामी को लेकर सवाल पूछे गए थे। 33.42 प्रतिशत लोगों ने जीएसटी के क्रियान्वयन को मोदी सरकार का सबसे सफल फैसला बताया। 21.9 प्रतिशत के साथ सबसे सफल फैसलों में दूसरे नंबर पर नोटबंदी, तीसरे पर पीओके में आतंकी कैंपों पर सर्जिकल स्ट्राइक (19.89%) और चौथे नंबर पर जन धन योजना (9.7 प्रतिशत) का फैसला रहा। 

पर्याप्त रोजगार सृजन न होना सबसे बड़ी नाकामी 
पर्याप्त रोजगार पैदा नहीं हो पाना मोदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामी के तौर पर उभरा है। 28.30 प्रतिशत लोगों ने कहा कि रोजगार सृजन न कर पाना मोदी सरकार की सबसे बड़ी नाकामी है। हालांकि बेरोजगारी को दूर करने के लिए सरकार के प्रयासों से करीब 58.4 प्रतिशत लोग संतुष्ट दिखे। इनमें से 37.2 प्रतिशत लोगों ने सरकार के प्रयासों को संतोषजनक बताया, वहीं 21.2 प्रतिशत ने माना कि सरकार इस मोर्चे पर 'बहुत अच्छा' कर रही है। इस मुद्दे पर 36 प्रतिशत लोगों ने सरकार को खराब रेटिंग दी। 14.28 प्रतिशत ने सरकार की कश्मीर नीति को सबसे बड़ी नाकामी माना। 

नोटबंदी पर बंटी हुई है लोगों की राय 
नोटबंदी को लागू हुए डेढ़ साल से ज्यादा वक्त गुजर चुके हैं लेकिन इसे लेकर लोगों की राय जबरदस्त तरीके से बंटी हुई है। एक तरफ जहां पोल में हिस्सा लेने वाले हर 5 में से एक शख्स ने इसे सबसे बड़ी नीतिगत कामयाबी बताया, वहीं 22.2 प्रतिशत लोग इसे एनडीए सरकार की सबसे बड़ी नाकामी के तौर पर देखते हैं। 

मोदी सरकार में अल्पसंख्यक सुरक्षित 
अल्पसंख्यकों से जुड़े सवाल के जवाब में ज्यादातर लोगों ने (59.41%) ने कहा कि वे नहीं समझते कि एनडीए सरकार में अल्पसंख्यक खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। हालांकि 30.01 प्रतिशत यानी करीब एक तिहाई लोगों ने माना कि मोदी सरकार में अल्पसंख्यक असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। 10.58 प्रतिशत लोगों की इस पर कोई राय नहीं थी। 
सरकार की विदेश नीति से संतुष्ट 
मेगापोल में हिस्सा लेने वाले 62.63 प्रतिशत लोगों ने मोदी सरकार की विदेश नीति को 'बहुत अच्छा' तो 17.43 प्रतिशत ने 'अच्छा' बताया। इस तरह 80.06 प्रतिशत लोगों ने सरकार की विदेश नीति को या तो बहुत अच्छा या अच्छा बताया। सिर्फ 15.84 प्रतिशत लोगों ने विदेश नीति को फेल बताया। 4.10 प्रतिशत लोगों की इस पर कोई राय नहीं थी। 

एकजुट विपक्ष में भी दम नहीं 
कर्नाटक के हालिया विधानसभा चुनाव के बाद भले ही तमाम विपक्षी पार्टियां एकजुट होकर बीजेपी के खिलाफ संयुक्त विपक्षी मोर्चा बनाने की कवायद में जुटी हैं, लेकिन पोल में शिरकत करने वाले 57.1 प्रतिशत लोगों ने कहा कि एकजुट विपक्ष का गठबंधन अगले लोकसभा चुनाव में असरकारी नहीं रहेगा। हालांकि 28.96 प्रतिशत ने कहा कि संयुक्त विपक्षी गठबंधन कारगर रहेगा। 13.92 प्रतिशत की इस पर कोई राय नहीं थी। 

फिर मोदी सरकार के आने के आसार 
2019 के लोकसभा चुनाव के बाद सियासी परिदृश्य कैसा रहेगा, इस सवाल के जवाब में 73.36 प्रतिशत लोगों ने मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की सत्ता में वापसी की भविष्यवाणी की। 16.04 प्रतिशत ने कहा कि अगली सरकार तीसरे मोर्चे की बनेगी, वहीं महज 10.59 प्रतिशत लोगों ने राहुल गांधी की अगुआई में नई सरकार के सत्ता में आने की भविष्यवाणी की। 

मोदी सरकार में जीवनस्तर सुधरा 
मेगा पोल में हिस्सा लेने वाले 55 प्रतिशत पाठकों ने कहा कि 2014 लोकसभा चुनाव में शानदार जीत के बाद बीजेपी की अगुआई में एनडीए सरकार के सत्ता में आने के बाद उनके जीवन में सुधार हुआ है। हालांकि, 33.92 प्रतिशत लोगों ने कहा कि उनके जीवन में कोई सुधार नहीं आया है। 

इस तरह हुआ पोल 
यह पोल टाइम्स समूह की नौ भाषाओं की 9 न्यूज साइटों पर 23 से 25 मई के बीच चलाया गया था। कुल 10 सवाल पूछे गए थे और साढ़े आठ लाख से अधिक रीडर्स ने इस पोल में शिरकत की। वोटिंग पैटर्न प्रभावित न हो इसलिए ऑनलाइन पोल में भाग लेने वाले रीडर्स के सामने इसके परिणाम जाहिर नहीं किए गए। इसके अलावा यह व्यवस्था भी की गई थी कि एक यूजर पोल में एक ही बार हिस्सा ले सके। 


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