जम्मू-कश्मीर में राज्यपाल शासन को राष्ट्रपति ने दी मंजूरी
बीजेपी के समर्थन वापसी के ऐलान के ठीक बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपना इस्तीफा दे दिया।


नई दिल्ली : जम्मू-कश्मीर में पीडीपी (पीपल्स डेमोक्रैटिक पार्टी) और बीजेपी (भारतीय जनता पार्टी) की गठबंधन सरकार गिरने के 24 घंटे के अंदर राज्यपाल शासन लग गया है। केंद्रीय कैबिनेट की सिफारिश पर बुधवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद ने मुहर लगाते हुए राज्य में राज्यपाल शासन की मंजूरी दे दी है। 

इसके साथ ही जम्मू-कश्मीर में अगले छह महीने की अवधि के लिए राज्यपाल शासन लागू हो गया है। इस बीच राज्यपाल एनएन वोहरा का कार्यकाल 25 जून को समाप्त हो रहा है। सूत्रों के मुताबिक किसी नए चेहरे को जिम्मेदारी देने के बजाए उन्हीं को अगला कार्यकाल मिल सकता है। इससे पहले मंगलवार दोपहर सवा दो बजे के करीब दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान बीजेपी ने पीडीपी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान करते हुए महबूबा मुफ्ती सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। 

बीजेपी महासचिव राम माधव ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और जम्मू-कश्मीर बीजेपी के नेताओं के साथ बैठक के बाद यह घोषणा की। राम माधव ने कहा कि महबूबा मुफ्ती राज्य के हालात संभालने में नाकाम रहीं और देशहित में बीजेपी ने सरकार से अलग होने का फैसला लिया है। 

बीजेपी ने तोड़ी दोस्ती, महबूबा का इस्तीफा 
राम माधव, केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह और जम्मू बीजेपी के दूसरे नेताओं ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर समर्थन वापसी के फैसले का ठीकरा महबूबा मुफ्ती पर फोड़ा। बीजेपी नेताओं ने महबूबा पर आतंकवाद रोक पाने में असफल होने का आरोप लगाया। बीजेपी ने कहा कि उनकी तरफ से राज्य के तीनों क्षेत्र के विकास के लिए कोशिश की गई। जम्मू, लद्दाख और कश्मीर क्षेत्र के समान विकास के लिए केंद्र ने पूरा सहयोग दिया पर राज्य सरकार द्वारा जम्मू क्षेत्र के साथ भेदभाव किया गया। 

बीजेपी के समर्थन वापसी के ऐलान के ठीक बाद मुख्यमंत्री महबूबा मुफ्ती ने अपना इस्तीफा दे दिया। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि पीडीपी किसी के साथ गठबंधन सरकार नहीं बनाना चाहती। श्रीनगर में पीडीपी नेता महबूबा मुफ्ती ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर अपनी बात रखी। 

महबूबा मुफ्ती ने कहा कि मुफ्ती साहब ने बड़े विजन के लिए बीजेपी के साथ गठबंधन किया था। उन्होंने कहा, 'मैं बीजेपी के इस फैसले से अचंभित नहीं हूं। हमने पावर के लिए गठबंधन नहीं किया था। इस गठबंधन के कई बड़े मकसद थे। सीजफायर, पीएम का पाकिस्तान दौरा, 11 हजार युवाओं के खिलाफ केस वापस हुए।' इस दौरान मुफ्ती ने बताया कि उन्होंने राज्यपाल को अपना इस्तीफा सौंप दिया है और उन्हें बताया है कि हम किसी गठबंधन की तरफ नहीं बढ़ रहे हैं। 

महबूबा ने साथ ही यह भी कहा कि जम्मू-कश्मीर को लेकर सख्त नीति नहीं कामयाब हो सकती। उन्होंने इस दौरान कहा, 'एक बात तो साफ है कि जम्मू-कश्मीर में सख्ती की नीति नहीं चल सकती है। यह समझना होगा कि जम्मू-कश्मीर दुश्मनों का क्षेत्र नहीं है। हमने जम्मू-कश्मीर और लद्दाख को साथ रखने की कोशिश की।' 


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