योगी सरकार पर हमलों में 'लिपटीं' ओम प्रकाश राजभर की चुनावी तैयारियां
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उत्तर प्रदेश में बीजेपी के साथ गठबंधन कर सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने 2017 के विधानसभा चुनाव में 4 सीटें जीती थीं. पार्टी की पूर्वी उत्तर प्रदेश के ​कई जिलों में अच्छी पकड़ जाती है. विधानसभा चुनाव में जीत के बाद पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओम प्रकाश राजभर को योगी सरकार में कैबिनेट मंत्री का पद मिला. लेकिन सरकार के बनने के बाद से ही वह लगातार बीजेपी पर हमलावर हैं. ओम प्रकाश राजभर लगातार सीएम योगी आदित्यनाथ से लेकर बीजेपी सरकार  के खिलाफ तमाम बयान देते रहते हैं. आखिर ओम प्रकाश राजभर योगी सरकार पर लगातार हमलावर क्यों रहते हैं? गठबंधन को लेकर वह क्या सोच रहे हैं? इन्हीं सब मुद्दों को लेकर एक निजी न्यूज चैनल ने उनसे बात की.

13 प्रदेशों में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने खड़ा किया संगठन

ओम प्रकाश राजभर ने बताया कि सुभासपा का संगठन इस समय पूरे उत्तर प्रदेश के 75 जिलों में तैयार हो गया है. यही नहीं देश के दूसरे राज्यों में भी हमारा संगठन खड़ा हो रहा है. इसमें बिहार के यूपी से सटे 17 जिलों में हमारा संगठन खड़ा हो गया है. इसी तरह पंजाब के 9 जिलों में हमारा संगठन खड़ा हो गया है. इसी तरह महराष्ट्र में मुंबई में, पश्चिम बंगाल, उत्तराखंड, दिल्ली, छत्तीसगढ़, झारखंड मिलाकर कुल 13 प्रदेशों में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी ने संगठन तैयार कर लिया है और हम धीरे-धीरे आगे बढ़ रहे हैं.

गांव से लेकर प्रदेश तक तैयार हो रही कार्यकर्ताओं की 'फौज'

उन्होंने बताया कि यूपी के हर गांव में हम 50 लोगों की टीम बना रहे हैं. इसमें अध्यक्ष से लेकर महासचिव, संगठन मंत्री, कोषाध्यक्ष की अगुवाई में कार्य किया जाता है. जो मजरे छोटे हैं, वहां हम संख्या 25 कर देते हैं. इसके बाद हमारी न्याय पंचायत स्तर पर कमेटी बनाते हैं. इसमें हम हर गांव से दो-दो व्यक्ति लेकर कमेटी में शामिल कर रहे हैं. इसी तरह ब्लॉक स्तर पर हर न्याय पंचायत से दो-दो व्यक्ति लेकर 30 लोगों की कमेटी बना रहे हैं.  इसके बाद हर ब्लॉक से तीन से चार लोगों को लेकर जिले में 30 लोगों की कमेटी बनाते हैं. इसी तरह से हर विधानसभा से लेकर मंडल में 30 लोगों की कमेटी बनाते हैं. इसी तरह से हर जिले से 5 व्यक्ति लेकर प्रदेश की टीम तैयार करते हैं. 25 लोगों की हमारी राष्ट्रीय टीम है.

बयानबाजी के पीछे वोटरों के लिए छिपा है ये संदेश...

जब ये पूछा गया कि क्या आप चुनाव को ध्यान में रखकर सरकार के खिलाफ बयानबाजी या कार्य करते हैं? इस परओम प्रकाश राजभर ने कहा कि आप बताइए, हम किसी कार्य के लिए कहते-कहते थक जाएं और उस पर कोई कार्रवाई न हो, तो हम क्या करें? कुछ मूलभूत चीजें हैं. अब पार्टी कार्यालय की ही बात कर लें. बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह जी से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संगठन मंत्री सुनील बंसल तक से कह चुके हैं लेकिन अभी तक हमारी पार्टी को कार्यालय के लिए जगह नहीं मिली. हम कोई मुफ्त में तो ऐसा नहीं कर रहे. सिस्टम के तहत ही चीजें मांग रहे हैं लेकिन नहीं मिल रहा. अपने घर के पास ढाई सौ मीटर सड़क के लिए मुख्यमंत्री तक को पत्र लिखा और अफसरों तक से पैरवी की लेकिन सड़क नहीं बनी.

ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि वोटर को हमारे पर विश्वास है कि हम उसकी बात पर लड़ रहे हैं. वह सरकार की परवाह नहीं करता है. उन्होंने कहा कि कहा जाता है कि देश के इतिहास में पहली घटना है कि एक कैबिनेट मंत्री अपनी ही सरकार के खिलाफ बोल रहा है. लेकिन मंत्री से पहले मैं पार्टी का मुखिया हूं, इसलिए मैं बोलता हूं. लेकिन चूंकि मैं कैबिनेट मंत्री हूं तो उसे पहले जोड़ा जाता है, पार्टी को नहीं जोड़ा जाता है. मेरे सिवा कोई ऐसा व्यक्ति नहीं है, जिसकी आवाज लोग माने.

ओम प्रकाश राजभर ने आगे कहा कि हम अपने वोटरों को संदेश दे रहे हैं कि देखो हम तुम्हारे लिए संघर्ष कर रहे हैं. वोटरों की मूलभूत समस्या चाहे वह राशन कार्ड का मामला हो, आवास, शौचालय, पेंशन, पिछड़ी जाति में 27 प्रतिशत आरक्षण, आरक्षण में तीन कैटेगरी के लिए, रोजगार, दवाई के लिए हम अमित शाह से लेकर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और संदीप बंसल तक से बात कर रहे हैं.

'गठबंधन चलेगा, 2024 तक देंगे बीजेपी का साथ' 

वहीं बीजेपी से गठबंधन के भविष्य पर ओम प्रकाश राजभर ने कहा कि हम 2024 तक बीजेपी के साथ रहना तय किए हैं. लेकिन जो समस्याएं हैं, उन पर तो चुप नहीं रहा जा सकता. उन्होंने कहा कि मैं न कोई ठेका मांग रहा हूं न ही अन्य कोई व्यक्तिगत लाभ. हम जिन लोगों को लेकर यहां तक पहुंचे हैं, उन्हें कितना बेहतरी की तरफ ले जाएं, इसके लिए हम प्रयास कर रहे हैं. इसे राजनीतिक रूप से गठबंधन टूटना प्रचारित किया जाए ये गलत है. हम टूटकर कहां जाएंगे.


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