पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का निधन, शोक में डूबा देश
Atal Bihari vajpayee


नई दिल्ली, देश के पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी का गुरुवार को लंबी बीमारी के बाद 93 साल की उम्र में निधन हो गया. अटल बिहारी वाजपेयी ने एम्‍स दिल्‍ली में आखिरी सांस ली. बीते एक महीने से अटल बिहारी को यूटीआई इंफेक्शन, लोवर रेस्पिरेटरी ट्रैक्ट इंफेक्शन और किडनी संबंधी बीमारियों के कारण एम्स दिल्ली में भर्ती कराया गया था. उनकी हालत नाजुक बनी हुई थी.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के निधन पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लिखा, 'मैं नि:शब्द हूं, शून्य में हूं, लेकिन भावनाओं का ज्वार उमड़ रहा है। हम सभी के श्रद्धेय अटल जी हमारे बीच नहीं रहे। अपने जीवन का प्रत्येक पल उन्होंने राष्ट्र को समर्पित कर दिया था। उनका जाना, एक युग का अंत है।'

सुबह से ही अटल बिहारी वाजपेयी की सेहत की जानकारी लेने के लिए नेताओं का एम्‍स में आना जाना लगा हुआ था. गुरुवार दोपहर एक बार फिर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी अटल बिहारी वाजपेयी से मिलने एम्‍स पहुंचे. उनके अलावा, बीजेपी अध्‍यक्ष अमित शाह, राजस्‍थान की मुख्‍यमंत्री वसुंधरा राजे, कांग्रेस अध्‍यक्ष राहुल गांधी, अमर सिंह, अरविंद केजरीवाल सहित कई विपक्षीय नेता भी उनसे मिलने पहुंचे थे.

अटल बिहारी का जन्म ग्वालियर में हुआ
अटल बिहारी वाजपेयी का जन्म मध्य प्रदेश के ग्वालियर में 25 दिसम्बर 1924 को हुआ था. उनके पिता कृष्ण बिहारी बाजपेयी शिक्षक थे. उनकी माता कृष्णा थीं. वैसे मूलतौर पर उनका संबंध उत्तर प्रदेश के आगरा जिले के बटेश्वर गांव से है लेकिन पिता मध्य प्रदेश में शिक्षक थे. इसलिए उनका जन्म वहीं हुआ. हालांकि उनका लगाव उत्तर प्रदेश की राजनीतिक से सबसे अधिक रहा. लखनऊ से वो सांसद रहे थे.


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