डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने पर बेहद परेशान हो गए थे गूगल के अधिकारी
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अमेरिकी की एक धुर दक्षिणपंथी वेबसाइट ब्रेटबार्ट ने बुधवार को एक लीक वीडियो पोस्ट किया, जिसमें दिख रहा है कि गूगल के वरिष्ठ अधिकारी डोनाल्ड ट्रंप के राष्ट्रपति चुने जाने को लेकर खासा परेशान थे. यह वीडियो डोनाल्ड ट्रंप के नवंबर 2016 में राष्ट्रपति बनने के कुछ समय बाद का है. इस वीडियो के सामने आने के बाद ट्रंप के साथियों ने सर्च इंजन गूगल पर आरोप लगाया कि वह राजनीतिक रूप से कंज़रवेटिव विचारधारा से भेदभाव रखते हैं.

इस वीडियो में गूगल को-फाउंडर सर्गेई ब्रिन यह कहते सुने जा रहे हैं कि, 'एक प्रवासी और शरणार्थी के रूप में मैं इस चुनाव को काफी परेशानी भरा पाता हूं. मुझे लगता है कि आप लोग भी ऐसा ही महसूस करते होंगे.' ब्रिन ने कहा कि मीटिंग में मौजूद ज़्यादातर लोग चुनाव के परिणाम से दुखी और परेशान थे.

गूगल के चीफ एक्ज़ीक्यूटिव सुंदर पिचाई ने भी वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए कहा, 'हालांकि पूरा चुनाव बांटने की राजनीति और भाषणबाजी से भरा हुआ था, लेकिन लोगों को लोकतांत्रिक व्यवस्था में विश्वास रखना चाहिए.' उन्होंने कहा चुनाव के इस तरह के नतीजों के पीछे बड़ा कारण है कि लोगों की किसी भी ओर सुनवाई नहीं हो रही है. लोगों में भय का माहौल है.'

गूगल के एक्ज़ीक्यूटिव ने कर्मचारियों से कहा कि वो अपने मूल्यों के प्रति ईमानदार रहें और विश्वास रखें कि भले ही इंटरनेट में कुछ कमियां हैं, लेकिन ये लोगों के जीवन को और बेहतर बना सकता है.

गूगल ने बताया कि सभी कर्मचारियों को अपने विचारों को पूरी स्वतंत्रता से रखने का अधिकार है. किसी भी मीटिंग में ऐसा कुछ नहीं कहा गया जिससे हमारा कोई प्रोडक्ट किसी राजनीतिक विचारधारा की और झुका हुआ नज़र आए. हमारे प्रोडक्ट सभी लोगों के लिए होते हैं और इनकी सूचना का स्रोत काफी विश्वसनीय होता है.

बता दें कि गूगल और कुछ दूसरी इंटरनेट फर्म पर गलत सूचना फैलाने और हेट स्पीट फैलाने का आरोप राष्ट्रपति ट्रंप और दूसरे रिपब्लिकन लॉ मेकर्स द्वारा लगााया जाता रहा है. इससे पहले ट्रंप ने ट्वीट कर कहा था कि ट्रंप की खबर को गूगल सर्च रिजल्ट में सर्च करने पर केवल नकारात्मक खबरें ही दिखाई देती हैं.


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