Post Office Vs SBI: जानें कहां मिलता है FD कराने पर ज्यादा रिटर्न
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FD में इन्वेस्ट करने को भारतीय लोग सबसे सुरक्षित मानते हैं. इसमें आपको सीमित समय के लिए गारंटीड रिटर्न मिलता है. फिक्स्ड डिपॉजिट करना उन लोगों के लिए बेस्ट होता है, जो हाई रिस्क डिपॉजिट करने से डरते हैं. इसके अलावा एफडी करने से निवेशकों का इनकम टैक्स भी बच सकता है, हालांकि उसके लिए निवेशक 5 साल तक पैसे नहीं निकाल सकते हैं.

पढ़िए : SBI बैंक या पोस्ट ऑफिस में से कहां FD कराने में आपको मिल सकता है ज्यादा रिटर्न-

फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट अकाउंट और पोस्ट ऑफिस डिपॉजिट अकाउंट: दोनों ही फिक्‍स्‍ड डिपोजिट अकाउंट चाहे बैंक मे हों या फिर पोस्ट ऑफिस में, उन निवेशकों के लिए बेहतर विकल्प हैं, जो रिस्‍क लेना नहीं चाहते हैं.

कौन है बेहतर: अगर हम इन दोनों की तुलना करें तो पोस्ट ऑफिस से FD कराना ज्यादा अच्छा है, क्योंकि पोस्ट ऑफिस से FD कराने में लोगों को 1 साल में 6.90 फीसदी का इंटरेस्ट मिलता है, वहीं SBI से FD कराने में आपको 6.6 फीसदी का इंटरेस्ट मिलता है.

मैच्योरिटी पीरियड से पहले भी निकाल सकते हैं पैसा: आप अपने फिक्‍स्‍ड डिपॉडिट अकाउंट से मैच्योरिटी पीरियड खत्म होने से पहले भी पैसे निकाल सकते हैं, मगर आपको फिक्‍स्‍ड डिपॉजिट अकाउंट से मिले रिटर्न पर टैक्स भरना होगा.

SBI फिक्स FD रेट: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया ने मार्च 2018 में अपने एफडीआई इंटरेस्ट रेट बढ़ा दिए हैं. देश का सबसे बड़ा बैंक 10 साल के लिए 1 करोड़ या उससे कम का एफडी अकाउंट खोलने पर 5,75 फीसदी से लेकर 6.75 फीसदी तक इंटरेस्ट दे रहा है. वरिष्ठ नागरिकों के लिए इंटरेस्ट रेट में 20-50 बेसिस प्वॉइंट का अंतर है.

SBI के रेट ऑफ़ इंटरेस्ट की लिस्ट: आप 1000 रुपये की मिनिमम बैलेंस के साथ अपना फिक्स डिपॉजिट अकाउंट खोल सकते हैं. साथ ही एसबीआई में फिक्स डिपॉजिट में कोई मैक्सिमम लिमिट नहीं है.

पोस्ट ऑफिस FD इंटरेस्ट रेट: निवेशक अपने पैसेे की इंडिया पोस्ट बैक में एफडी करवा सकते हैं. ग्राहक अपना या ज्वाइंट अकाउंट कैश या चेक के द्वारा खोल सकते हैं. ज्यादा जानकारी के लिए निवेशक इंडिया पोस्ट की आधिकारिक वेबसाइट indiapost.gov.in पर जा सकते हैं.

बता दें कि आप मात्र 200 रुपये के साथ पोस्ट ऑफिस में अपनी एफडी शुरू कर सकते हैं. साथ ही फिक्स डिपॉजिट अकाउंट की कोई मैक्सिमम अमाउंट भी नहीं होती है.


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