लखनऊ शूटआउट: सरकारी नौकरी, 25 लाख की मदद का मिला भरोसा, अंतिम संस्कार को राजी हुए परिजन
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लखनऊउत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के गोमती नगर इलाके में कथित रूप से पुलिस की फायरिंग में मारे गए एप्पल के एक अधिकारी विवेक तिवारी के परिजन रविवार को उनके अंतिम संस्कार के लिए मान गए हैं.

दरअसल मृतक की पत्नी ने पुलिस विभाग में नौकरी और एक करोड़ रुपये मुआवजे की मांग की थी. उन्होंने कहा था कि जब तक उनकी मांगें नहीं मानी जाती, तब तक वह अपने पति का अंतिम संस्कार नहीं करेंगी. इस बीच लखनऊ के जिलाधिकारी कौशल राज ने परिवार के एक सदस्य को नगर निगम में नौकरी और आर्थिक सहायता के रूप में 25 लाख रुपये देने का लिखित आश्वासन दिया.

जिलाधिकारी ने बताया कि उनके आश्वासन के बाद मृतक का परिवार रविवार को विवेक का अंतिम संस्कार करने को तैयार हो गया. इसके साथ ही उन्होंने बताया कि उन्होंने मामले की सीबीआई से जांच कराने की संस्तुति कर दी है. उधर विवेक तिवारी पर फायरिंग के आरोपी दोनों आरोपी सिपाहियों को 11 अक्टूबर तक के लिए न्यायिक हिरासत में भेज दिया है.

लखनऊ के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कलानिधि नैथानी ने इससे पहले बताया कि सना खान नाम की महिला ने शनिवार सुबह इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया, जिसमें उन्होंने आरोप लगाया कि शुक्रवार/शनिवार की रात करीब दो बजे वह अपने 38 वर्षीय सहकर्मी विवेक तिवारी के साथ कार से घर जा रही थीं. रास्ते में गोमतीनगर विस्तार इलाके में उनकी गाड़ी खड़ी थी. तभी सामने से दो पुलिसकर्मी आए तो तिवारी ने गाड़ी आगे बढ़ाने की कोशिश की.

सना के मुताबिक पुलिसकर्मियों ने कार को रोकने की कोशिश की और गोली चलायी, जो तिवारी को लगी. इसके कारण बेकाबू हुई कार अंडरपास की दीवार से जा टकरायी. तिवारी को सिर में चोट आयी और काफी खून बहने लगा. उसे अस्पताल पहुंचाया गया, जहां थोड़ी देर बाद उनकी मृत्यु हो गई.

इस बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोरखपुर में इस घटना के बारे में संवाददाताओं से कहा कि लखनऊ की घटना कोई मुठभेड़ की वारदात नहीं है. हम इसकी पूरी जांच कराएंगे. पहली नजर में दोषी दिख रहे पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया जा चुका है. किसी भी दोषी को बख्शा नहीं जाएगा. जरूरत पड़ेगी तो हम सीबीआई को भी इसकी जांच सौंपेंगे.

बहरहाल, पुलिस महानिदेशक ओम प्रकाश सिंह ने मामले की जांच के लिए लखनऊ के पुलिस महानिरीक्षक सुजीत पांडे की अगुवाई में विशेष जांच दल (एसआईटी) गठित किया है. पुलिस अधीक्षक (अपराध) और पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) को इसका सदस्य बनाया गया है. साथ ही जिलाधिकारी से इसकी मजिस्टीरियल जांच के आदेश देने का आग्रह किया गया है.

वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के मुताबिक प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया है जब कार मौके पर खड़ी थी, तो कुछ संदिग्ध गतिविधि महसूस होने पर पुलिस ने पूछताछ की कोशिश की. इस पर कार अचानक आगे बढ़ी और पुलिस की मोटरसाइकिल से टकरा गयी. गाड़ी फिर जब पीछे होने के बाद फिर आगे बढ़ रही थी तो कांस्टेबल प्रशांत चौधरी ने गोली मारी, जो विंडशील्ड से होती हुई तिवारी को लग गई. उन्होंने बताया कि कांस्टेबल चौधरी और उसके साथी पुलिसकर्मी संदीप के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज करके उन्हें हिरासत में ले लिया गया है. उनसे पूछताछ जारी है.


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