शेन वॉर्न-ग्‍लेन मैक्‍ग्रा का ये रिकॉर्ड नहीं तोड़ पाएगा कोई गेंदबाज़?
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टेस्‍ट क्रिकेट में खिलाड़ियों के बीच असली जंग देखने को मिलती है और इस बात से हर कोई सहमति रखता है. लेकिन क्रिकेट के इस सबसे पुराने फॉर्मेट में कुछ क्रिकेटरों के बीच जो प्रतिद्वंदिता देखने को मिली है उसका कोई सानी नहीं है. सच कहा जाए तो  सचिन तेंदुलकर-जेम्‍स एंडरसन, शेन वॉर्न-एश्‍वेल प्रिंस, माइक एथर्टन-ग्‍लेन मैक्‍ग्रा, दिलीप वेंगसरकर-इमरान खान जैसे दिग्‍गजों के बीच होने वाली दिलचस्‍प जंग का पूरे वर्ल्‍ड क्रिकेट ने लुत्‍फ उठाया है. आइए जानते हैं...

एश्‍वेल प्रिंस बनाम शेन वॉर्न
जी हां, साउथ अफ्रीका के एश्‍वेल प्रिंस और ऑस्‍ट्रेलिया के शेन वॉर्न के बीच टेस्‍ट क्रिकेट में जो जंग देखने को मिली वह आज भी शरीर में सिहरन पैदा कर देती है. वॉर्न ने साउथ अफ्रीका के लिए 66 टेस्‍ट मैच खेलने वाले प्रिंस को लगातार आठ पारियों में आउट किया, जो कि वर्ल्‍ड रिकॉर्ड है. हालांकि ऑस्‍ट्रेलिया के इस महान स्पिनर ने प्रिंस को कुल 11 बार आउट किया. सच कहा जाए तो ऑस्‍ट्रेलिया के लिए 145 टेस्‍ट में 708 विकेट लेने वाले वॉर्न और प्रिंस की भिड़ंत क्रिकेट प्रेमियों में एक खास रोमांच पैदा कर देती थी.

माइक एथर्टन बनाम ग्‍लेन मैक्‍ग्रा
वॉर्न के हम वतन ग्‍लेन मैक्‍ग्रा का टेस्‍ट क्रिकेट में जलवा भी देखने लायक था. 563 टेस्‍ट विकेट लेने वाले ऑस्‍ट्रेलिया के तेज गेंदबाज़ ग्‍लेन मैक्‍ग्रा ने इंग्‍लैंड के दिग्‍गज बल्‍लेबाज़ माइक एथर्टन को सिर्फ 17 टेस्‍ट में 19 बार पवेलियन लौटाया, जो कि अपने आप में बड़ी बात है. हालांकि एथर्टन को विंडीज के कर्टनी वॉल्‍श ने 27 और कर्टली एम्‍ब्रोस ने 26 टेस्‍ट में 17-17 बार अपना शिकार बनाया.

भारत के खिलाड़ी भी हैं रेस में...
वॉर्न-प्रिंस और एथर्टन-मैक्‍ग्रा की प्रतिद्वंदिता के अलावा भारत के दिलीप वेंगसरकर और सचिन तेंदुलकर की भी विरोधी गेंदबाजों के साथ कड़ी टक्‍कर ने वर्ल्‍ड क्रिकेट को रोमांचित किया है.

दिलीप वेंगसरकर बनाम इमरान खान
भारत के दिग्‍गज बल्‍लेबाजों में शामिल रहे वेंगसरकर और पाकिस्‍तान के महान गेंदबाज़ इमरान खान के बीच दमदार टक्‍कर रहती थी. इमरान ने उन्‍हें दस बार अपना शिकार बनाया. वेंगसरकर 1978-79 के बीच अपने विरोधी पर चढ़कर खेले और 83, 76, 33 रन के स्‍कोर बनाए, लेकिन 1980 और 1983 के बीच वह इमरान के आगे पस्‍त नजर आए. इस दौरान उनके स्‍कोर थे 17, 3, 0, 79, 6,1 और 4 रन. दरअसल उस वक्‍त क्रिकेट प्रेमी खासकर पाकिस्‍तान के समर्थक वेंगसरकर और इमरान की भिड़ंत का इंतजार करते थे.

सचिन तेंदुलकर बनाम जेम्‍स एंडरसन
सचिन तेंदुलकर और इंग्‍लैंड के लिए सर्वाधिक विकेट लेने वाले जेम्‍स एंडरसरन की टक्‍कर ने हर किसी को खासा रोमांचित किया. 200 टेस्‍ट में 51 शतक की मदद से 15921 रन बनाने वाले सचिन 329 बार क्रीज़ पर उतरे और सिर्फ चार गेंदबाज़ उन्‍हें पांच से अधिक बार आउट कर सके. ग्‍लेन मैक्‍ग्रा और जेसन गिलेस्‍पी ने उन्‍हें छह-छह बार आउट किया, तो टेस्‍ट क्रिकेट के सबसे कामयाब गेंदबाज़ (800 विकेट) मुरलीधरन ने सचिन को आठ बार अपना शिकार बनाया.

लेकिन इन दिग्‍गज गेंदबाजों की बजाए सचिन को सबसे अधिक बार पवेलियन लौटाया इंग्‍लैंड के जेम्‍स एंडरसन ने. मौजूदा वक्‍त में दुनिया के सबसे सफल तेज गेंदबाज का तमगा रखने वाले एंडरसन ने सचिन को नौ बार आउट किया, जिसमें दो बार बोल्‍ड, तीन बार एलबीडब्‍ल्‍यू, दो बार विकेट के पीछे कैच और दो बार स्लिप में कैच होना शामिल है. यही वजह है कि सचिन इंग्‍लैंड के खिलाफ 14 मैचों में सिर्फ 32.16 के औसत से 26 पारियों में 804 रन बना सके, जिसमें 103 रन की सर्वोच्‍च पारी शामिल है. अगर एंडरसन सचिन के साथ कुछ और साल खेलते तो सोचो आंकड़े क्‍या होते?

सबसे अच्‍छी बात यह है कि बल्‍लेबाज़ और गेंदबाजों के बीच प्रतिद्वंदिता ही तो टेस्‍ट क्रिकेट की पहचान है. इस वजह से डॉन ब्रैडमैन से लेकर सचिन तक और मुथैया मुरलीधरन से लेकर विराट कोहली तक तमाम खिलाड़ी टेस्‍ट क्रिकेट को ही असली क्रिकेट मानते हैं. लेकिन क्‍या शेन वॉर्न और ग्‍लेन मैक्‍ग्रा का किसी एक खिलाड़ी को सबसे अधिक बार आउट करने का कोई रिकॉर्ड तोड़ पाएगा, यह देखने वाली बात होगी.


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