फ्री नहीं होते बैंकों के ऑफर्स, यूं काटते हैं जेब, जानिए इनके पीछे की सच्चाई
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बैंक विभिन्‍न अवसरों पर ऑफर्स लाकर ग्राहकों को अपनी तरफ आकर्षित करते रहते हैं. इन ऑफर्स में जीरो या कम प्रोसेसिंग फीस, कुछ ईएमआई नहीं लेना, कैशबैक ऑफर, ब्‍याज दर कम लेना और कुछ चीजों पर जीरो फीसदी ब्‍याज दर आदि शामिल हैं. इन ऑफर्स के साथ बैंक की कुछ शर्तें होती हैं. इस प्रक्रिया में कई चीजें छिपी होती हैं, जो वे ग्राहक को नहीं बताते हैं. जबकि ग्राहक सिर्फ ऑफर्स के नाम पर आगे बढ़ जाते हैं. आज हम इन ऑफर्स की तह में जाकर आपको इनकी सच्‍चाई बता रहे हैं-

जीरो प्रोसेसिंग फीस: त्‍योहारी सीजन या अन्‍य अवसरों पर कुछ बैंक प्रोसेसिंग फीस नहीं लेते हैं. उदाहरण के लिए एसबीआई समेत कई बैंक कुछ समय के लिए होम और कार लोन पर प्रोसेसिंग फीस माफ कर देते हैं. अगर बैंक आपसे यह फीस ले तो 30 लाख के लोन पर आपको लगभग 10 हजार रुपए देने पड़ सकते हैं.

यह छूट आपको आकर्षक लग सकती है, लेकिन बैंक अक्‍सर लीगल और टेक्निकल फीस के नाम पर आपसे इतनी या इससे थोड़ी अधिक ही रकम ले लेते हैं. इसलिए इस प्रक्रिया में आपको इन चीजों की उचित पड़ताल कर लेनी चाहिए और सिर्फ प्रोसेसिंग फीस के नाम पर आपको कोई फैसला नहीं करना चाहिए.

ईएमआई की छूट: कभी-कभी कुछ बैंक ईएमआई की छूट का भी ऑफर करते हैं. उदाहरण के लिए एक्सिस बैंक ने कुछ महीने पर 12 ईएमआई की छूट का ऑफर दिया था. यानी आपको कुल ईएमआई में से 12 नहीं देनी होती. हालांकि यह आपको 20 साल के लोन पर चौथे, आठवें और 12वें साल के आखिर में 4-4 ईएमआई की छूट के रूप में ही मिलती. इसके लिए लोन की न्‍यूनतम सीमा भी 30 लाख थी.

लेकिन इसके लिए भी बैंक कई तरह की शर्तें रख देते हैं. एक्सिस ने इसके लिए न्‍यूनतम लोन अवधि 20 साल रखी थी. इसके अलावा, आपका ट्रैक रिकॉर्ड साफ-सुथरा होना चाहिए. ऐसे मामलों में अक्‍सर प्रोसेसिंग फीस भी अधिक हो सकती है. इन सबके अलावा अगर आप किसी कारण से 90 दिनों से अधिक ईएमआई नहीं देते हैं तो आपको इसके लिए अयोग्‍य भी ठहराया जा सकता है. यह ऑफर सिर्फ फ्लोटिंग रेट्स बेसिस पर ही उपलब्‍ध है.

कैशबैक ऑफर: कई बैंक कैशबैक ऑफर भी देते हैं. उदाहरण के लिए पिछले फेस्टिव सीजन में आईसीआईसीआई बैंक ने हर ईएमआई का 1 फीसदी कैशबैक का ऑफर दिया था. हालांकि पहला कैशबैक आपको 36वीं ईएमआई के बाद और फिर हर 12 ईएमआई के बाद ही इसका फायदा मिलता. लोन की न्‍यूनतम अवधि 15 साल होनी चाहिए. इस तरह कैशबैक के साथ भी इस तरह की शर्त रख दी जाती है.

एमसीएलआर पर स्‍प्रेड नहीं: कुछ बैंक एमसीएलआर पर मार्क-अप या स्‍प्रेड की छूट का भी ऑफर देते हैं. आपके ब्‍याज के दो हिस्‍से होते हैं- बेस रेट और स्‍प्रेड. बेस रेट से नीचे बैंक आपको लोन नहीं दे सकते और ‘स्‍प्रेड’ बैंक का मार्जिन होता है. लेकिन देखा जाता है कि कुछ बैंकों का पहले से एमसीएलआर अधिक होता है. ऐसे में इसका भी आपको अधिक लाभ नहीं मिलता है.

जीरो फीसदी ब्‍याज दर: अक्‍सर यह ऑफर मोबाइल समेत महंगे इलेक्‍ट्रॉनिक सामान और कंज्‍यूमर ड्यूरेबल्‍स पर दिया जाता है. हालांकि अगर आप 20 हजार रुपए का एक मोबाइल लेते हैं, तो आपसे अमूमन 5 हजार रुपए डाउनपेमेंट और 500 रुपए प्रोसेसिंग फीस ली जाती है. इन सबके बाद अगर बाकी रकम को 6 ईएएमआई में बदला जाता है तो आपको कुल मिलाकर 12.5 फीसदी ब्‍याज देना पड़ जाता है, न कि जीरो फीसदी, जो अक्‍सर आप समझ ही नहीं पाते हैं.


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