जानिए कैसे पारसी दादा के बावजूद दत्‍तात्रेय गोत्र वाले ब्राह्मण हैं राहुल गांधी
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राहुल गांधी गुजरात चुनाव में मंदिर यात्रा के बाद जनेऊ धारी हिंदू बने थे. फिर मानसरोवर यात्रा से शिव भक्त और अब राजस्थान विधानसभा चुनाव 2018 में खुद के हिंदू गोत्र का प्रमाण भी दे दिया है. पुष्कर में खुद के तीर्थ पुरोहित के जरिए राहुल ने अपना गाेत्र मुल्क के सामने रखवा दिया है. राहुल दत्तात्रेय कौल बाह्मण हैं. बीजेपी के राहुल गांधी से गोत्र के सवाल पर सोची समझी रणनीति के तहत यह जवाब तीर्थराज पुष्कर से आया है.

पुष्कर में पूजा के बाद राहुल गांधी ने जवाब खुद मीडिया को नहीं दिया. कांग्रेस ने गांधी परिवार के पुष्कर में तीर्थ पुरोहित राजनाथ कौल से यह जवाब दिलवाया और वह भी प्रमाण के साथ. राजनाथ कौल ने बताया कि खुद राहुल गांधी ने उन्हें बताया कि उनका गोत्र कौल दत्तात्रेय है.

राजनाथ कौल का कहना है कि गांधी परिवार की पोथी से उन्होंने राहुल को बताया कि मोतीलाल नेहरू से लेकर इंदिरा गांधी और उनके पिता राजीव गांधी का गोत्र कौल दत्तात्रेय ही रहा. इस नाते उनकी दादी इंदिरा गांधी का गोत्र ही उनका गोत्र भी है .

राहुल गांधी और कांग्रेस ने गोत्र का जवाब राजस्थान में चुनाव अभियान की शुरुआत से पहले देकर एक तीर से कई निशाने साधे. सीपी जोशी के विवादित बयान के बाद इसके जरिए हिंदुओं को संदेश दिया गया है तो बीजेपी को भी घेरने की तैयारी की गई है.

राहुल ने यह संदेश भी दिया कि वे दिखावे के जनेऊधारी हिन्दू नहीं बल्कि वे बाह्मण कुल के जनेऊधारी हैं. राहुल गांधी के तीर्थ पुरोहितों से जब ये पूछा गया कि उनके दादा फिरोज गांधी तो पारसी थे. क्या दादा की जगह दादी का गोत्र हो सकता है. कई पंडितों का कहना है पारसी समुदाय मे पत्नी को हिंदू धर्म की तरह पति का गोत्र नहीं दिया जाता है. ऐसे में पीहर के गोत्र का इस्तेमाल हो सकता है.

इसी वजह से इंदिरा गांधी ने भी पिता पंडित जवाहरलाल नेहरू का गोत्र कौल दत्तात्रेय ही रखा. लेकिन गांधी सरनेम और खानदान की सियासी हैसियत के चलते इस परिवार के सामने इससे पहले खुद का गोत्र बताने की राजनीतिक मजबूरी कभी नहीं आई थी.


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