बैंक में अब Aadhaar जरूरी नहीं! ग्राहकों को देने होंगे ये 5 डॉक्यूमेंट
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सुप्रीम कोर्ट के आधार पर फैसला आने के बाद सरकार भी बड़ा कदम उठाने जा रही है. आधार कार्ड धारकों को जल्द ही अपना आधार नंबर सरेंडर करने की आजादी मिल सकती है. अब अगर नागरिक चाहें तो आधार से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं.  ऐसे में बैंक अब ग्राहकों से केवाईसी (नो योर कस्टमर) के अन्य डॉक्यूमेंट मांग सकता है. ऐसे में ग्राहकों के बैंक में 5 दस्तावेज वैलिड होंगे. बैंकर्स का कहना है कि रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया (RBI) की ओर से नोटिफाइड अन्य दस्तावेज ग्राहकों को बैंक में जमा करने पड़ सकते है. आइए जानें इसके बारे में...

RBI की ओर से नोटिफाइड डॉक्यूमेंट- पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आई कार्ड, पैन कार्ड और राष्ट्रीय रोजगार गारंटी स्कीम (नरेगा) का जॉब कार्ड है.

RBI का सर्कुलर- भारतीय रिजर्व बैंक ने इन दस्तावेजों को जुलाई 2017 में नोटिफाई किया था. बैंक खाता खोलने के लिए जरूरी दस्तावेज के रूप में ये कागजात वास्तव में काले धन पर रोक लगाने के हिसाब से जरूरी बनाए गए थे.

जुलाई 2017 के नोटिफिकेशन से पहले के मान्य दस्तावेज अब भी मान्य रहेंगे. बैंक या फाइनेंस कंपनी की मांग के हिसाब से 'कोई अन्य दस्तावेज'के मामले में बैंक अपने हिसाब से राशन कार्ड, बिजली बिल या नियोक्ता के पत्र से ग्राहकों की पहचान सुनिश्चित करते थे. जुलाई 2017 के बाद आधार कानूनी रूप से भले ही बैंक अकाउंट के लिए जरूरी नहीं था, लेकिन बैंक KYC दस्तावेज के लिए अन्य दस्तावेज की तुलना में आधार को प्राथमिकता देते थे.

RBI के नए निर्देशों का इंतजार- बैंकर्स का कहना है कि आधार पर सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले के बाद वे इस इंतजार में हैं कि रिजर्व बैंक अब क्या निर्देश जारी करता है. बैंक अब उन ग्राहकों की स्थिति के बारे में समझना चाहते हैं जिनका आधार बैंक खाते से लिंक्ड है.

बैंक खाते से अलग करा सकते हैं आधार- सुप्रीम कोर्ट के फैसले से पहले ग्राहकों के लिए बैंक अकाउंट से आधार लिंक करना जरूरी बना दिया गया था. अब जब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह स्वैच्छिक हो गया है. अब ग्राहक बैंक से अपना आधार डीलिंक भी करा सकते हैं.


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