अखिलेश से गठबंधन में मायावती ने यूं मारी बाज़ी
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उत्तर प्रदेश में सपा और बसपा के गठबंधन की घोषणा होने के साथ ही एक बात तय हो गई कि मायावती इस गठबंधन की नेता हैं. इशारों-इशारों में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने जहां मायावती को गठबंधन की तरफ से पीएम उम्मीदवार बता दिया, वहीं आंकड़ों में भी बसपा नंबर एक दिख रही है.

दरअसल गठबंधन की घोषणा में भले ही दोनों पार्टियों को 38-38 की बराबर सीट दिख रही हों, लेकिन अगर तह तक जाएंगे तो ये आंकड़ा 38 और 35 का है, जिससे साफ है कि मायावती को गठबंधन में सपा से तीन सीट ज्यादा मिली हैं.

सूत्रों की मानें तो सतीश चंद मिश्रा और अखिलेश यादव के बीच दो दिन पहले हुई एक बैठक में तय किया गया था कि किसी भी तरह ये संदेश न जाए कि सपा नंबर दो की पार्टी है. इसलिए आज की प्रेसवार्ता में सबसे पहले 38-38 सीटें दोनों पार्टियों को देकर ये संदेश देने की कोशिश की गई कि दोनों पार्टियां बराबरी पर हैं. उसके बाद प्रेसवार्ता के आखिर में मीडिया को ये बताया गया कि सपा अपने कोटे से आरएलडी के लिए एक और सीट देगी यानि आरएलडी की सीटों की संख्या तीन हो जाएगी.

इसके साथ ही सपा अपनी 38 सीटों में से एक-एक सीट निषाद पार्टी और पीस पार्टी को देगी. ये अलग बात है कि चुनाव के बाद ये दोनों छोटे दल गठबंधन का हिस्सा बने रहें, इसीलिए ये दोनों सपा के चिह्न पर ही चुनाव लड़ेंगे. यानी अब गठबंधन का गणित साफ हो गया. मायावती 38, सपा 35 आरएलडी तीन, कांग्रेस दो, पीस पार्टी एक और निषाद पार्टी एक.

कांग्रेस भले ही गठबंधन में शामिल नहीं हुई है, लेकिन मायावती और अखिलेश दोनों जानते हैं कि मोदी को दिल्ली की कुर्सी से बेदखल करने के लिए कांग्रेस का साथ जरूरी है. ऐसे में सोनिया गांधी और राहुल गांधी के खिलाफ उम्मीदवार खड़ाकर दोनों नेता चुनाव बाद गठबंधन के रास्ते को बंद नहीं करना चाहते हैं. इससे पहले भी सपा इन दोनों सीटों पर कांग्रेस को वॉकओवर देती रही है.


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