मिशन 2019: इन 6 फैसलों से किसानों और मध्यम वर्ग को रिझाने की कोशिश में मोदी सरकार
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विधानसभा चुनाव में मिली हार और आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर केंद्र सरकार ने हाल ही में किसानों, छोटे व्यवसायियों और आर्थिक रूप से कमजोर लोगों का दिल जीतने के लिए कई फैसले किए हैं. इन फैसलों से एशिया की तीसरी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था को कई आर्थिक दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है. फिलहाल मोदी सरकार सकल घरेलू उत्पाद के 3.3 प्रतिशत के वित्तीय घाटे के एक दशक के लक्ष्य को पूरा करने की कोशिश कर रही है.

हालांकि सत्ताधारी दल भारतीय जनता पार्टी ने आगामी लोकसभा चुनाव के मद्देनजर और भी वादे किए हैं. मतदाताओं का दिल जीतने के लिए किए जा रहे फैसलों पर संसद में केंद्रीय मंत्री रविशंकर प्रसाद ने कहा था कि ये फैसले विकास और बदलाव के लिए हैं. उन्होंने कहा था कि 'कौन जीतेगा और कौन हारेगा, यह फैसला जनता करेगी. हम आगामी चुनावों के मद्देनजर इसके लिए आश्वस्त हैं कि देश की जनता एक बार फिर नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार को पूर्ण बहुमत देगी.'

समाचार एजेंसी रॉयटर्स के अनुसार भारतीय रिजर्व बैंक इस हफ्ते 300 से 400 बिलियन रुपए का डिविडेंड भारत सरकार को मार्च तक सौंप सकता है ताकि वह आगामी चुनावी खर्चों के मद्देनजर राजकोषीय घाटा पूरा कर सके.

साल 2018 के दिसंबर में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ और राजस्थान में मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस के हाथों मिली हार के बाद केंद्र सरकार ने किसानों का ऋण माफ करने के साथ-साथ यह फैसले लिए हैं.

छोटे व्यवसायों की सहायता

सरकार ने 10 जनवरी को राष्ट्रीय बिक्री कर नियमों में बदलाव की घोषणा की जो अतिरिक्त दो मिलियन छोटे व्यवसायों को छूट देगा. 40 लाख तक वार्षिक बिक्री वाले व्यवसायों को माल और सेवा कर (GST) से छूट दी जाएगी. वर्तमान में 20 लाख रुपये तक के सालाना टर्नओवर वाली फर्मों को छूट दी गई है. यह बदलाव अप्रैल में लागू होगा.

किसानों की मदद
तीन सरकारी सूत्रों की मानें तो पीएम मोदी 30 हजार करोड़ रुपये की लागत से किसानों की मदद के लिए राहत पैकेज के तीन विकल्पों पर विचार कर रहे हैं. संभावना है कि सभी ज़मींदार किसानों, सरकारी कीमतों से नीचे उपज बेचने वालों के लिए मुआवजे और ऋण माफी कार्यक्रम के लिए सीधा भुगतान किया जाएगा.

नौकरी में आरक्षण
संसद ने बुधवार को सरकारी नौकरियों में 10 प्रतिशत का एक ऐतिहासिक बिल पास किया. संविधान में संशोधन के बाद सरकारी नौकिरयों में हर धर्म के सामान्य वर्ग को नौकरी और शिक्षा में 10 फीसदी आरक्षण दिया जाएगा.

प्याज
28 दिसंबर को सरकार ने प्याज की कीमतों में भारी गिरावट के बाद प्याज किसानों के लिए निर्यात प्रोत्साहन को 10 प्रतिशत तक बढ़ा दिया. निर्यात प्रोत्साहन कार्यक्रम किसानों को सरकार से ऋण प्राप्त करने की अनुमति देता है, जिसका उपयोग विभिन्न करों का भुगतान करने के लिए किया जा सकता है.

ई-कॉमर्स के नियम
सरकार ने कहा कि 26 दिसंबर को वह Amazon.com और Walmart के स्वामित्व वाली Flipkart Group जैसी ई-कॉमर्स कंपनियों को उन कंपनियों के उत्पादों को बेचने से रोक देगी, जिनमें उनकी इक्विटी इंटरेस्ट है.

यह नियम 1 फरवरी से लागू होगा. खुदरा विक्रेताओं और व्यापारियों की शिकायतों के बाद यह नियम बदले जा रहे हैं जिनका कहना है कि बड़ी कंपनियां अपने सहयोगियों से इन्वेंट्री पर नियंत्रण का उपयोग कर रही हैं, और बिक्री समझौतों के जरिए कम कीमत पर वस्तु की बिक्री कर रहे हैं.

बिक्री कर में कटौती
22 दिसंबर को, सरकार ने टेलीविजन, बैटरी और मूवी टिकट सहित 20 से अधिक वस्तुओं पर बिक्री कर की दर को घटा दिया - जिसका उद्देश्य व्यापारियों और मध्यम वर्ग को खुश करना था.


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