मायावती से तेजस्वी ने की मुलाकात, बोले- संविधान खत्म कर 'नागपुर का कानून' लागू करना चाहती है BJP
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साल 2019 के लोकसभा चुनाव के लिए समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी की ओर से गठबंधन का ऐलान होने के एक दिन बाद मायावती ने राष्ट्रीय जनता दल के नेता तेजस्वी यादव से मुलाकात की. लखनऊ में मायावती के आवास पर दोनों की मुलाकात हुई.

मुलाकात के बाद पत्रकारों से बात करते हुए केंद्र सरकार की ओर से आर्थिक रूप से कमजोर सामान्य वर्ग के लोगों के लिए 10 फीसदी कोटे का विरोध कर रहे तेजस्वी ने कहा कि बीजेपी देश भर में 'नागपुर का कानून' लागू करना चाहती है. तेजस्वी ने मुलाकात के बाद कहा, 'मायावती और अखिलेश जी की ओर से लिए गए फैसले का जनता ने स्वागत किया है. आज ऐसा माहौल है जहां वह बाबा साहब के संविधान को खत्म कर नागपुर का कानून लागू करना चाहते हैं.'

तेजस्वी ने कहा, 'हम मोदी जी को नहीं हराना चाहते, हमारी उनसे कोई निजी दुश्मनी नहीं है. यह विचारधारा की लड़ाई है. हमने हमेशा से बीजेपी और आरएसएस के खिलाफ लड़ाई लड़ी है. हम अपने देश के लिए काम करना चाहते हैं और देश का संविधान बचाना चाहते हैं.'

मायावती और तेजस्वी के बीच हुई मुलाकात करीब दो घंटे तक चली. सोमवार को तेजस्वी, पूर्व सीएम अखिलेश यादव से मुलाकात करेंगे. तेजस्वी से मुलाकात करने के बाद मायावती ने कहा कि लालू जी पर इसलिए निशाना साधा जा रहा है क्योंकि वह सांप्रदायिक शक्तियों के खिलाफ थे. राजद के साथ बिहार में गठबंधन की चर्चा बाद में की जाएगी.

वहीं तेजस्वी ने कहा कि वह मायावती सरीखी नेता से मिलने का मौंका नहीं गंवाना चाहते थे. उन्होंने कहा कि मेरे पिता लालू प्रसाद यादव ने हमेशा से मायावती जी और अखिलेश जी के दल का गठबंधन चागा है. लालू जी आज जेल में हैं क्योंकि उन्होंने कभी बीजेपी के खिलाफ झुकना पसंद नहीं किया. यहां तक कि मुझे भी नहीं बख्शा गया और मैं जब बच्चा था उस वक्त मुझ पर मामला दायर कर दिया गया. मेरे नीतीश चाचा का भी इसमें हाथ है.


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