लोकसभा चुनाव: सपा-बसपा गठबंधन में RLD अपनाएगी कैराना मॉडल!
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उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव के लिए बने सपा बसपा गठबंधन में जगह तलाश रही राष्ट्रीय लोकदल की गणित कैराना मॉडल पर बैठती दिख रही है. दरअसल पिछले साल कैराना लोकसभा उपचुनाव में सपा की नेता  तबस्सुम हसन को रालोद के टिकट पर गठबंधन का प्रत्याशी बनाया गया था. तबस्सुम हसन ने बीजेपी से बड़े अंतर से ये सीट जीत ली थी.

बता दें सपा बसपा गठबंधन की तरफ से दो सीटें रिजर्व रखी गई हैं. साथ ही सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने ऐलान भी किया है कि वे अपने हिस्से की 38 सीटों में से कुछ सहयोगियों को सीटें दे सकते हैं. रालोद को गठबंधन की तरफ से 3 सीटें ही दिए जाने की बात सामने आई थी, वहीं जानकारी के अनुसार रालोद पांच सीटें मांग रही है.

अब जयंत चौधरी और अखिलेश के साथ मुलाकात में जानकारी मिली है कि गठबंधन से सीधे मिली दो सीटों के अलावा रालोद को सपा की तरफ से एक या ज्यादा सीट कैराना मॉडल पर दी जा सकती है. इसमें प्रत्याशी सपा या रालोद किसी भी दल से हो सकता है.

दरअसल बुधवार को लखनऊ में राष्ट्रीय जनता दल के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने अखिलेश यादव से मुलाकात की. इस मुलाकात में जयंत चौधरी ने कैराना का जिक्र कर इशारों-इशारों में रणनीति का खुलासा भी किया. उन्होंने कहा कि कैराना में हमने एक दूसरे के साथ तालमेल बनाया. लचीलापन अपनाया. हमने अपना पराया नही देखा और सफलता हासिल हुई. उन्होंने कहा कि ये लड़ाई मैं की नहीं लड़ाई हमारी है. हम मिलकर लड़ेंगे.

गठबंधन में रालोद को सीटें के मुद्दे पर जयंत चौधरी ने कहा कि अखिलेश यादव से अच्छे माहौल में बात हुई. अच्छी बात हुई. प्रभावी गठबंधन बीजेपी के खिलाफ पूरे देश में खड़ा होगा. सीट का मसला नहीं है, सवाल विश्वास का और रिश्ते का है.

बता दें कैराना लोकसभा उपचुनाव में सपा की नेता तबस्सुम हसन को राष्ट्रीय लोकदल के टिकट पर बीजेपी की मृगांका के सामने मैदान में उतारा गया. उपचुनाव में तबस्सुम ने बड़ी जीत दर्ज की. यही नहीं अखिलेश यादव ने कैराना से पहले गोरखपुर में दूसरी पार्टी के प्रत्याशी को टिकट देने की रणनीति अपनाई थी. उन्होंने निषाद पार्टी के प्रवीण निषाद को सपा से टिकट दिया और प्रवीण निषाद ने इतिहास रचते हुए उपचुनाव में गोरखपुर की सीट बीजेपी से छीन ली थी.


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