कर्नाटक: सिद्धगंगा मठ के 111 वर्षीय महंत का निधन, मोदी मानते हैं अपना गुरु
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सिद्धगंगा मठ के महंत 111 वर्षीय शिवकुमार स्वामी जी का सोमवार दोपहर निधन हो गया. वह पिछले काफी समय से बीमार चल रहे थे और तबीयत ज्यादा बिगड़ने पर उन्हें वेंटिलेटर पर रखा गया था. कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने बताया कि शिवकुमार स्वामी जी ने सोमवार सुबह 11:44 बजे अंतिम सांसें लीं. मंगलवार की शाम 4:30 बजे उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा. इस बीच राज्य सरकार ने उनके निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक का ऐलान किया है.

राजकीय शोक के ऐलान के साथ ही राज्य सरकार ने सभी स्कूल, कॉलेजों और सरकारी दफ्तरों में एक दिन के सार्वजनिक अवकाश की घोषणा की है. इस समय राज्य के सत्ता और विपक्ष के लगभग सभी छोटे बड़े नेता मठ में मौजूद हैं. अभी लगभग एक महीने पहले ही 8 दिसंबर को स्वामी जी के लंग में इंफेक्शन होना के कारण उनका ऑपरेशन हुआ था.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सहित कई नेता उन्हें अपना गुरु मानते हैं. वर्ष 2007 में उनके 100वें जन्मदिन पर तत्कालीन कर्नाटक सरकार ने शिवकुमार स्वामी जी को राज्य के सर्वोच्च नागरिक पुरस्कार 'कर्नाटक रत्न' से नवाजा था. वर्ष 2015 में भारत सरकार ने उन्हें पद्म भूषण से सम्मानित किया था, जबकि कर्नाटक के मुख्यमंत्री कुमारस्वामी उन्हें 'भारत रत्न' से सम्मानित करने की मांग उठा चुके हैं.


स्वामी जी की तबीतय में पिछले दो महीनों से उतार चढ़ाव देखा गया. उन्हें रविवार रात से वेंटिलेटर पर रखा गया था. उनके शरीर में प्रोटीन का स्तर और ब्लड प्रेशर बहुत कम हो गया था.

स्वामी जी के निधन के बाद राज्य में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने डिप्टी सीएम जी परमेश्वर, गृहमंत्री एमबी पाटिल और जिला प्रशासन के साथ बैठक बुलाई है.

वहीं बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष बीएस येदियुरप्पा, केंद्रीय मंत्री डीवी सदानंद गौड़ा और बीजेपी सांसद शोभा करंदलाजे ने अपने निर्धारित कार्यक्रमों को रद्द करके सिद्धगंगा मठ पहुंच रहे हैं. सूत्रों के अनुसार, वीआईपी के आने के लिए मठ और उसके आसपास के क्षेत्र में हेलीपैड बनाए गए हैं. मठ के पास ज्यादा भीड़ इकट्ठी न हो इसके लिए एनएच 48 से जुड़े कई रास्तों पर ट्रैफिक को डायवर्ट किया गया है.

दरअसल, कर्नाटक की राजनीति में जातीय समीकरण के लिहाज से मठों का विशेष महत्व और दबदबा है. राज्य की कुल जनसंख्या का 18 फीसदी लिंगायत समुदाय की संख्या है, जिसके कारण राज्य की राजनीति पर इस समुदाय का खासा प्रभाव है. राज्य के तुमकुरु जिले में लिंगायत समुदाय का प्रमुख मठ सिद्धगंगा है और शिवकुमार स्वामी जी इसके प्रमुख महंत थे. राज्य के लिंगायत मठों की संख्या 400 से ज्यादा है.


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