कार्ति चिदंबरम को SC की दो टूक- कानून के साथ मत खेलो, विदेश जाना है तो जमा करो 10 करोड़
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जांच एजेंसियों के साथ सहयोग न करने पर सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को कार्ति चिदंबरम को चेतावनी देते हुए कहा कि वह कानून के साथ न खेलें. रंजन गोगोई की अध्यक्षता वाली बेंच ने पी चिदंबरम के बेटे से कहा कि आईएनएक्स मीडिया मामले में उनके द्वारा किए जाने वाले जरा से भी असहयोग को कोर्ट स्वीकार नहीं करेगा.

फरवरी-मार्च में देश से बाहर जाने की याचिका पर विचार करते हुए रंजन गोगोई ने कहा, 'कानून के साथ मत खेलो. आपने अभी तक सहयोग नहीं किया है. मैं आपको साफ कर दूं कि इस मामले में थोड़ी सा भी असहयोग बर्दाश्त नहीं किया जाएगा. अगर आप सहयोग नहीं करेंगे तो यह कोर्ट आपसे सख्ती से पेश आएगा.' बेंच ने आगे कहा, 'जहां जाना है जाओ, जहां घूमना है घूमो लेकिन जांच में सहयोग न करना हम पसंद नहीं करेंगे.'

कोर्ट ने उन्हें देश से बाहर जाने की तो अनुमति दे दी लेकिन साथ ही अपने आदेश में यह भी कहा कि पूछताछ के लिए उन्हें 5,6,7 और 12 मार्च को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के सामने मौजूद रहना होगा. उन्होंने कोर्ट के सेक्रेटरी जनरल के पास 10 करोड़ रुपये भी जमा करने को कहा जो कि कार्ति चिदंबरम के वापस लौटने पर उन्हें लौटा दिया जाएगा.

इससे पहले सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि वह यूके, स्पेन, फ्रांस जहां जाना चाहें जा सकते हैं लेकिन पूछताछ वाले दिन उन्हें ईडी के सामने मौजूद रहना होगा. जवाबी शपथपत्र में ईडी ने बताया था कि कार्ति चिदंबरम न सिर्फ आईएनएक्स मीडिया केस बल्कि एयरसेल-मैक्सिस मामले में भी सहयोग नहीं कर रहे हैं. इसमें कहा गया है कि कार्ति ने पिछले छह महीनों में 51 दिनों तक विदेश में रहे हैं और वह इसके लिए कोर्ट से अनुमति लेकर पूछताछ में देरी करते रहे हैं.

कार्ति इस वक्त आईएनएक्स मीडिया मामले में ज़मानत पर बाहर हैं. सीबीआई और ईडी इस मामले में जांच कर रही है. उस वक्त कार्ति चिदंबरम के पिता पी चिदंबरम देश वित्त मंत्री थे.


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