बंगाल Vs केंद्र: CBI के पहुंचने से ममता के धरने तक, जानें बंगाल में कैसे मचा घमासान?
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कोलकाता में रविवार शाम से ही पुलिस और सीबीआई के बीच हाईप्रोफाइल ड्रामा चल रहा है. ममता बनर्जी के धरना पर बैठने के साथ ही इस मामले ने देश की राजनीति में उथल पुथल मचा दी. देश के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ जब सबसे बड़ी जांच एजेंसी के पांच अधिकारियों को राज्य की पुलिस ने हिरासत में ले लिया. अब ये लड़ाई पश्चिम बंगाल बनाम केंद्र सरकार हो गई है. हम पूरी घटना विस्तार से बताते हैं.

दरअसल, शारदा चिट फंड घोटाले की जांच कर रही सीबीआई टीम रविवार शाम कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंची. पुलिस कमिश्नर के घर पर तैनात गार्ड ने सीबीआई टीम को अंदर आने से रोक दिया. इसके बाद कोलकाता पुलिस ने सीबीआई टीम के ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया. एक तरफ कोलकाता पुलिस सीबीआई के रिजनल दफ्तर पहुंची. पूरे सीबीआई दफ्तर की पुलिस ने घेराबंदी कर दी. उसके महज 10 मिनट बाद ही राज्य की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर पहुंची.

इसके बाद सीबीआई और राज्य पुलिस के बीच टकराव की अभूतपूर्व स्थिति थी. पुलिस ने सीबीआई के पांच अधिकारियों को हिरासत में भी ले लिया. ऐसे भी आरोप लगाए गए हैं कि सीबीआई के अधिकारियों के साथ हाथापाई की गई. उसी दौरान ममता बनर्जी मेट्रो चैनल के पास धरने पर बैठ गईं. उसके लगभग पांच मिनट बाद सीबीआई दफ्तर के बाहर से पुलिस का पहरा हटा लिया गया और सीबीआई के गिरफ्तार अधिकारियों को छोड़ दिया गया.

लेकिन, तब तक राज्य के हालात काफी बिगड़ गए. टीएमसी के कार्यकर्ता जगह जगह प्रदर्शन करने लगे. कई जगह प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पुतले फूंके गए और हावड़ा-हुगली में ट्रेन को रोक दिया गया. एक तरफ कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार के घर को किले में तब्दील कर दिया गया. जहां बिना इजाजत परिंदा भी पर न मार सके. वहीं सीबीआई अधिकारियों की सुरक्षा के लिए तत्काल केंद्र सरकार ने सीआरपीएफ बल को तैनात किया. अभी तक का ये घटनाक्रम रविवार शाम 6:30 बजे से 9:00 बजे तक का है.

इस बीच रात करीब 8:15 बजे ममता बनर्जी ने धरना स्थल से मीडिया को संबोधित करते हुए पीएम नरेंद्र मोदी और बीजेपी पर हमकर हमला बोला. साथ ही राजीव कुमार का बचाव करते हुए उन्होंने कहा कि सीबीआई ने बगैर तलाशी वॉरंट के ही कोलकाता के पुलिस आयुक्त के दरवाजे पर दस्तक दी. इस बीच कोलकाता पुलिस कमिश्नर राजीव कुमार अपने घर से बाहर निकले हैं और ममता बनर्जी के साथ धरने पर बैठ जाते हैं.

ममता बनर्जी ने आरोप लगाते हुए कहा कि बीजेपी हर उस राज्य में राष्ट्रपति शासन लगाना चाहती है, जहां सत्ता में विपक्षी पार्टियां हैं. उन्होंने कहा, 'मैं करने के लिए तैयार हूं, लेकिन मैं मोदी सरकार के आगे झुकने के लिए तैयार नहीं हूं.' उन्होंने कहा, 'हमें न्यायपालिका और मीडिया पर भरोसा है. देश की जनता और मीडिया से मेरी अपील है कि प्लीज देश को बचाइए. लोकतंत्र की रक्षा करिए. मैं अपनी टीम के साथ खड़ी रहूंगी. मेरी नजरों में उनकी इज्जत है. मुझे आज बहुत दुःख है. यह संघीय ढांचे का विनाश है.'

ममता ने सभी विपक्षी पार्टियों से अपील की कि वे मोदी सरकार को सत्ता से बेदखल करने के लिए एकजुट हों. इसके साथ ही उन्होंने आर्मी और केंद्र व राज्यों के सुरक्षा बलों का भी आह्वान किया कि वे मोदी सरकार के रवैये की खिलाफत करें और उनके धरना को समर्थन दें. उन्होंने कहा कि देश में आपातकाल जैसी स्थिति है इसलिए सभी को साथ आना चाहिए.

ममता बनर्जी ने कहा, 'नरेंद्र मोदी और शाह राज्य में तख्तापलट करने की कोशिश में हैं. हमने 19 जनवरी को विपक्ष की महारैली आयोजित की थी. इसके बाद हमें पता चल गया था कि सरकार हमपर सीबीआई के माध्यम से हमला करेगी.' वहीं टीएमसी के प्रवक्ता एवं राज्यसभा सांसद डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट किया, 'बीजेपी संवैधानिक तख्तापलट की तैयारी कर रही है? सीबीआई के 40 अधिकारी कोलकाता के पुलिस आयुक्त के आवास को घेर लेते हैं.

ऐसी जानकारी मिल रही है कि मोदी सरकार के खिलाफ पिछले 8 घंटे से धरने पर बैठीं बंगाल की सीएम ममता बनर्जी सुबह सड़क पर ही कैबिनेट की मीटिंग लेंगी. उसके बाद फोन से विधानसभा के बजट सत्र को संबोधित करेंगी. जिसके बाद बजट पेश किया जाएगा.

विपक्ष के इन नेताओं ने ममता के धरने को दिया समर्थन

कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी, दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल, उत्तर प्रदेश की पूर्व मुख्यमंत्री मायावती, राज ठाकरे, सपा के अध्यक्ष अखिलेश यादव, एनसीपी प्रमुख शरद पवार, पूर्व प्रधानमंत्री एचडी देवगौड़ा, महबूबा मुफ्ती, आरजेडी सुप्रीमो लालू प्रसाद यादव, तेजस्वी यादव, एमके स्टालिन और आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने ममता के धरने को समर्थन दिया है


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