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CM चंद्रबाबू नायडू की भूख हड़ताल को मिला अनेक दलों का समर्थन
CM चंद्रबाबू नायडू की भूख हड़ताल को मिला अनेक दलों का समर्थन


नई दिल्ली। आंध्र प्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू ने अपने राज्य को विशेष दर्जा दिलाने और आंध्र प्रदेश पुनर्गठन अधिनियम, 2014 के तहत केंद्र द्वारा किए गए अन्य वादों को पूरा किए जाने की मांग के साथ यहां 12 घंटे का अनशन शुरू कर दिया है। सुबह 8 बजे से शुरू हुई उनकी भूख हड़ताल रात 8 बजे तक चलेगी। कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी घरने स्थल पर पहुंचकर कहा कि मैं आंध्र प्रदेश के लोगों के साथ खड़ा हूं। वह किस तरह का पीएम है? उन्होंने आंध्र प्रदेश के लोगों के लिए की गई प्रतिबद्धता को पूरा नहीं किया। मोदी, जहां भी जाते हैं झूठ बोलते हैं। उसे कोई विश्वसनीयता नहीं बची है।

दिल्ली के सीएम अरविंद केजरीवाल भी नायडू को समर्थन देने आंध्र भवन पहुंचे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि पीएम मोदी विपक्षी दलों के सीएम के साथ भेदभाव करते हैं। चन्द्रबाबू नायडू के धरने पर समर्थन करने पहुंच मुलायम सिंह यादव, फारूक अब्दुल्ला , शरद यादव आदि नेता पहुंच गए हैं। पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह भी घरने स्थल पर पहुंचे।


इस दौरान तमाम विपक्षी नेता उनके प्रति एकजुटता दिखाने के लिए आंध्र भवन पहुंचे। काले रंग की शर्ट पहने तेलुगू देशम पार्टी (तेदेपा) के अध्यक्ष ने आंध्र प्रदेश भवन में 'धर्म पोराता दीक्षा' शुरू किया। राजघाट पर महात्मा गांधी को श्रद्धांजलि अर्पित करने के बाद नायडू अन्य तेदेपा नेताओं के साथ आंध्र प्रदेश भवन पहुंचे और बाबा साहेब भीमराव आम्बेडर की प्रतिमा पर माल्यार्पण करने के बाद विरोध प्रदर्शन शुरू किया।

नायडू के कैबिनेट सहयोगी, सांसद, राज्य के विधायक और छात्र और कर्मचारी समूह और जन संगठनों के नेता भी उनके साथ उपवास पर बैठे हैं। नायडू के साथ 12 घंटे लंबे विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में प्रदर्शनकारी भी शामिल हुए हैं। 

वे राज्य सरकार द्वारा किराए पर ली गई दो विशेष रेलगाड़ियों द्वारा राष्ट्रीय राजधानी पहुंचे। कई गैर-भाजपा दलों के नेताओं से नायडू से मिलने और उनके साथ एकजुटता व्यक्त करने की उम्मीद है। तेदेपा ने पिछले साल भाजपा की अगुवाई वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) सरकार से समर्थन वापस ले लिया था। नायडू मंगलवार को राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद को एक ज्ञापन सौंपेंगे।


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