इन रोगों में न दें बच्चों को एंटीबायोटिक दवाएं
इन रोगों में न दें बच्चों को एंटीबायोटिक दवाएं


मौसम के बदलाव या किसी और कारण शरीर में बैक्टीरियल इंफैक्शन हो जाती है। इससे राहत पाने के लिए बच्चों को एंटीबॉयोटिक दवाइयां दी जाती है लेकिन बिना किसी कारण एंटीबॉयटिक दवाइयोें को सेवन खतरनाक भी हो सकता है। आइए जानते हैं कि किन रोगों में यह दवाइयां बच्चों को देने से नुकसान हो सकता है। 

1. कान 
कई बार बच्चों के कान में इंफैक्शन हो जाती है। इसमें डॉक्टर एंटीबायोटिक दवाइयां देते है लेकिन अगली बार दर्द होने पर बिना डॉक्टर की सलाह के वहीं दवाई देने से नुकसान हो सकता है। 

2. बुखार
बुखार होने पर बच्चे को पहले से घर पर पड़ी हुई एंटीबायोटिक दवाई दे दी जाती हैं लेकिन  ऐसे बिना किसी बुखार की वजह जाने दवाइयां देने से फायदे की जगह नुकसान भी हो सकता है। वायरल इंफैक्शन में एंटीबायोटिक दवाई कोई असर नहीं करती। 

3. गला खराब
बच्चा अगर 5 साल से कम उम्र का है तो अक्सर उसका गला खराब होने का कारण वायरल इंफैक्शन होता है। ऐसे में जरूरी है कि डॉक्टरी सलाह ले ली जाए। अपनी मर्जी से कोई भी दवाई न दे। 

4. मौसम में बदलाव
मौसम में जरा सा बदलाव आने पर बच्चों को सर्दी जुखाम होना आम बात है। मां-बाप इसके लिए बच्चे को एंटीबयोटिक दवाई दे देते हैं। ऐसे में दवाइयों से परहेज रखें और घरेलू नुस्खें अपनाएं। 


अधिक सेहत/एजुकेशन की खबरें