ऐक्शन के लिए तैयार है स्वदेशी फाइटर प्लेन तेजस, DRDO से मिला क्लियरंस
DRDO ने तेजस को फाइनल ऑपरेशनल क्लियरंस जारी कर दिया है


बेंगलुरु : भारत में विकसित किया गया लाइट कॉम्बैट एयरक्राफ्ट 'तेजस' अब ऐक्शन के लिए तैयार है। भारतीय वायुसेना ने बुधवार को इस बात की स्वीकृति देने के साथ ही तेजस को रिलीज टु सर्विस सर्टिफिकेट भी जारी कर दिया। इसका मतलब है कि तेजस को डिफेंस रिसर्च ऐंड डिवेलपमेंट ऑर्गनाइजेशन (डीआरडीओ) की तरफ से फाइनल ऑपरेशनल क्लियरंस (एफओसी) मिल गया है। आपको बता दें कि तेजस को डीआरडीओ की ऐरोनॉटिकल डिवेलपमेंट एजेंसी ने डिजाइन किया है। 

हालांकि, यह प्रॉजेक्ट 10 साल बाद 1993 में सैंक्शन हुआ था। इसे हिंदुस्तान ऐरोनॉटिकल लिमिटेड (एचएएल) ने तैयार किया है। तेजस की तैयारी के बारे में जब वायुसेना चीफ बीएस धनोआ से पूछा गया तो उन्होंने कहा, 'क्या आपने तेजस वायु शक्ति में परफॉर्म करते हुए नहीं देखा।' उन्होंने यह भी बताया कि तेजस अब पूरी तरह से ऐक्शन के लिए तैयार है। 

एयर चीफ मार्शल ने जताई खुशी 
धनोआ ने आगे कहा, 'यह बड़ी सफलता है कि हमें आज एलसीए MK 1 के लिए एफओसी मिल गया है। मैंने आपको पहले भी कहा है कि खाने का स्वाद कैसा है, यह खाने पर ही पता चलता है। आपने देखा कि एयरक्राफ्ट कितना उड़ सकता है। अप्रैल 2018 में आयोजित गगन शक्ति में भी इसका प्रदर्शन दिखा था। वायु शक्ति के दौरान हमने दिखाया कि यह एयरक्राफ्ट कितने सटीक निशाने पर हथियार गिरा सकता है। यही सबूत है।' 

एयर चीफ मार्शल धनोआ ने कहा कि तेजस ना सिर्फ लगातार हमले करने में सक्षम है बल्कि यह सही निशाने पर हथियार गिराने की भी अचूक क्षमता रखता है। उन्होंने आगे कहा, 'क्योंकि यह एक फाइटर प्लेन है, इसे फाइटर की तरह ही काम करना होगा। इसने हवा से हवा और हवा से जमीन दोनों मोड में अच्छा काम किया है। पायलट्स भी इससे काफी खुश हैं।' 

'एचएएल को मिलेगा 83 नए एयरक्राफ्ट बनाने का काम' 
आपको बता दें कि भारतीय वायुसेना ने एचएएल को 40 तेजस एयरक्राफ्ट का ऑर्डर दिया है, जिसमें से एचएएल ने 14 तैयार करके दे दिए हैं। हालांकि, अभी तक एयरफोर्स ने 10 एयरक्राफ्ट ही स्वीकार किए हैं। ये एयरक्राफ्ट सर्विस में हैं और वायुसेना की स्क्वॉड्रन नंबर 45- फ्लाइंग ड्रैगर्स द्वारा ऑपरेट किए जा रहे हैं। शुरुआती 20 एयरक्राफ्ट अभी इनिशियल ऑपरेशन क्लियरंस कॉन्फिगरेशन में हैं। बाकी के एयरक्राफ्ट एफओसी मानकों के हिसाब से तैयार किए जाएंगे। इसके लिए एचएएल ने पिछले साल से ही काम शुरू कर दिया है। 

बीएस धनोआ ने बताया कि वायुसेना जल्द ही अपनी क्षमता को बढ़ाने के लिए 84 तेजस MK-1A के लिए रिक्वेस्ट फॉर प्रपोजल (आरएफपी) जारी करेगी। उन्होंने कहा कि आरएफपी सिर्फ MK-1 के लिए ही नहीं बल्कि MK-2 के लिए भी जल्द ही जारी किया जाएगा। आपको यह भी बता दें कि बुरे हालात से गुजर रहे एचएएल के लिए यह आरएफपी संजीवनी का काम कर सकता है। 83 एयरक्राफ्ट की कीमत लगभग 50 हजार करोड़ रुपये हो सकती है। हालांकि, प्रॉजेक्ट की फाइनल कीमत कॉस्ट कमिटी द्वारा तय की जाएगी, उसके बाद ही इसकी घोषणा होगी। 


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