आईसीसी की अनदेखी के बावजूद अब भी पाक पर अंतरराष्ट्रीय प्रतिबंध चाहते हैं: सीओए प्रमुख राय
बीसीसीआई ने इस संबंध में आईसीसी से अपील की थी, जिसका जवाब क्रिकेट परिषद ने नहीं में दिया था


नई दिल्ली : प्रशासकों की समिति (सीओए) के अध्यक्ष विनोद राय ने गुरुवार को कहा कि बीसीसीआई अब भी चाहता है कि आईसीसी आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों पर प्रतिबंध लगाए, भले ही हाल में उसकी ऐसी मांग ठुकरा दी गई थी। उन्होंने हालांकि इस पर टिप्पणी नहीं की कि भारत विश्व कप में पाकिस्तान का बहिष्कार करेगा या नहीं। 

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट परिषद (आईसीसी) ने पिछले सप्ताह दुबई में अपनी बोर्ड बैठक में बीसीसीआई का आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों के साथ संबंध समाप्त करने का आग्रह ठुकरा दिया था हालांकि भारतीय बोर्ड ने पाकिस्तान का विशेष जिक्र नहीं किया था। भारत को विश्व कप में 16 जून को पाकिस्तान से भिड़ना है और राय ने कहा कि पुलवामा आतंकी हमले के मद्देनजर इस महत्वपूर्ण मुकाबले का बहिष्कार करने का फैसला लेने से पहले उचित प्रक्रिया अपनाई जाएगी। 

राय ने सीओए की बैठक के बाद कहा, ‘अभी इसमें समय है। इसमें चार महीने बचे हुए हैं। हमने (सुरक्षा को लेकर) अपनी चिंता व्यक्त कर दी है और उन्होंने (आईसीसी) ने कहा कि हां सुरक्षा कड़ी की जाएगी।’ राय ने कहा कि आईसीसी ने पाकिस्तान को अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट से प्रतिबंधित करने के भारत के आग्रह को ठुकराया नहीं है। 

उन्होंने कहा, ‘पत्र उनके सामने रख दिया गया है। इसमें साफ तौर पर पाकिस्तान का जिक्र है। यह एक प्रक्रिया है जो धीरे धीरे आगे बढ़ती है। क्या हम सुरक्षा परिषद में किसी देश का बहिष्कार करने में सक्षम हैं। प्रक्रिया धीमी गति से चलती है। हमने प्रक्रिया शुरू कर दी है।’ पुलवामा आतंकी हमले में सीआरपीएफ के 40 से अधिक जवानों के शहीद होने के बाद बीसीसीआई ने आईसीसी को भेजे पत्र में आतंकवाद को पनाह देने वाले देशों से संबंध तोड़ने का आग्रह किया था। 

सीओए इस महीने के आखिर में आईसीसी चेयरमैन शशांक मनोहर से चर्चा करेंगे, जिसमें भारत और पाकिस्तान के मसले पर भी बात होगी। बीसीसीआई के विश्व डोपिंग रोधी एजेंसी (वाडा) के अंतर्गत आने के लंबे समय से लंबित मसले पर भी चर्चा होगी क्योंकि आईसीसी ने इसे तुरंत सुलझाने के लिए कहा है। बीसीसीआई अभी वाडा के अंतर्गत नहीं आता है लेकिन आईसीसी और उसके अन्य सदस्य इसे मानते हैं। 

अगर बीसीसीआई इसके अंतर्गत नहीं आता है तो आईसीसी को वाडा का पालन नहीं करने वाली खेल संस्था माना जा सकता है और ऐसे में 2028 तक ओलिंपिक में क्रिकेट को शामिल कराने की योजना खटाई में पड़ सकती है। राय ने कहा, ‘आईसीसी चेयरमैन के साथ कई मसलों पर चर्चा होगी जिनमें वाडा से जुड़ा मामला भी शामिल है।’


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